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Supply Chain की दुनिया में आ गए हैं बदलाव, BW इवेंट में एक्सपर्ट्स ने कही ये बात

कोरोना महामारी ने दुनिया के कार्य करने के तरीकों में काफी बदलाव ला दिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्लीः कोरोना महामारी ने दुनिया के कार्य करने के तरीकों में काफी बदलाव ला दिया है. ऐसे में इसका असर सप्लाई चेन मैनेजमेंट करने वाली कंपनियों में भी देखने को मिला है. इस सेक्टर में भी काफी बदलाव आए हैं. BW Businessworld द्वारा आयोजित Supply Chain Resilience Summit and Awards में शामिल होने आए एक्सपर्ट्स ने कहा कि ग्लोबल लेवल पर सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर भी कोविड महामारी का असर देखने को मिला है. 

टेक्नोलॉजी की ली मदद

सप्लाई चेन को मैनेज करने में कंपनियां आजकल टेक्नोलॉजी का सहारा ले रही हैं, क्योंकि सभी को मालूम है कि किसी भी कंपनी में इसका कितना प्रमुख रोल है. सप्लाई चेन मैनेजमेंट की भूमिका के बारे में बात करते हुए स्काईवेज समूह के प्रबंध निदेशक यशपाल शर्मा ने कहा, "आज हर कंपनी के बोर्डरूम में सप्लाई चेन पर चर्चा की जाती है, जिससे बहुत सारी रुकावटें आ रही हैं." उन्होंने कहा कि व्यवसाय की निरंतरता बनाए रखने के लिए ग्राउंड जीरो से निर्णय लेने में हर कोई शामिल था. सप्लाई चेन हमेशा के लिए विकसित हो रही है, हालांकि पिछले दो तीन वर्षों ने हाथ को छोटा कर दिया है.

कोविड ने बदल दी है सोच

Sterlite Technologies के ग्लोबल हेड - SCM Vijayanand Choudhury ने कहा कि, "किसी भी घटना को स्वीकार करने के प्रति लोगों के रवैये में बदलाव आया है. प्रौद्योगिकी ने, एक और महत्वपूर्ण और बड़ा परिवर्तन होने के कारण लोगों को सक्षम बनाया है या चीजों को स्वचालित रूप से चलाने की दिशा में अपनी रुचि विकसित की." 

सेमीकंडक्टर की सप्लाई हुई थी प्रभावित

पिछले तीन वर्षों में सप्लाई चेन में रुकावट, सेमीकंडक्टर की सप्लाई, मैन्युफेक्चरिंग, यूक्रेन-रूस युद्ध जैसी समस्याओं को भी देखा गया है. हालांकि अब ये सभी सप्लाई चेन मैनेजमेंट की चर्चाओं को एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, जोकि पहले नहीं होता था.

पिछले कुछ वर्षों में विकसित हुए अवसरों पर प्रकाश डालते हुए, जिन्होंने इसमें योगदान दिया है, जुबिलेंट फूडवर्क्स के अध्यक्ष- व्यापार, एकीकृत आपूर्ति श्रृंखला और गुणवत्ता आश्वासन-  अविनाश कांत कुमार ने कहा, "बहुत अधिक सुविधा, अनुकूलन, गति बाजार जहां सप्लाई चेन इस गति को चलाने में बड़ी भूमिका निभाती है, पिछले कुछ सालों में बहुत विकसित हो गई है."

बिजनेस पार्टनर्स के साथ इकोसिस्टम में बदलाव

कांत कुमार ने कहा कि इस दौरान बिजनेस पार्टनर्स के साथ इकोसिस्टम बनाने में भी काफी बदलाव देखने को मिले हैं. अब कोई भी सप्लाई चेन से जुड़ा व्यक्ति सैकड़ों बिजनेस पार्टनर्स के साथ बात करता है और एक एडवोकेसी ग्रुप को तैयार कर है. आम तौर पर उपभोक्ता उद्योगों में लॉन्च के समय की अवधारणा कम हो गई है और ग्राहकों का विभाजन और अधिक जटिल व विस्तृत हो गया है.

Clovia Lingerie के सह-संस्थापक और सीओओ, सुमन चौधरी ने ध्यान दिलाया कि प्रौद्योगिकी ने उद्योग को सहजता प्रदान की है. उन्होंने कहा, "प्रौद्योगिकी बहुत मददगार रही है आवश्यकताओं को मापने, लक्ष्य और समयसीमा को हथियार बनाने और उत्पादों को प्राप्त करना जितनी जल्दी हो सके करने में बहुत मदद की है. इसने वेयरहाउस में बहुत अधिक ओवरलोडिंग और रिक्ति का भी ध्यान रखा है."

सप्लाई चेन लैब्स के पार्टनर्स में से एक आशीष तनेजा ने उसी पर टिप्पणी करते हुए कहा, "आज जो इतनी तेजी से विकसित हो रहा है वह आपूर्ति परिवर्तन के आसपास मेकेनिक्स नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं की अपेक्षाएं हैं।"

Go Noise के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर उत्सव मल्होत्रा ​​ने कहा कि नए कारोबार चपलता के आधार पर पारंपरिक के साथ अंतर करें. निर्णय लेने की गति और कार्य करना और सीखने की क्षमता बहुत अधिक है. एक अन्य कारक अधिक रचनात्मक होना भी है. उनके लिए गैर के बारे में सोचने के लिए और अधिक जगह है किसी भी समस्या को हल करने के पारंपरिक तरीके. ये कारक बताते हैं कि व्यवसाय कैसे सोचते हैं, अपना एक्शन निर्धारित करने के लिए.

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