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Eicher Motors को 130 करोड़ का टैक्स भरने के लिए भेजा गया नोटिस, क्या है पूरा मामला?
फाइलिंग में कंपनी ने यह भी कहा है कि अफसर ने कुछ GST क्रेडिट को हटा दिया है और GST की मांग को बढ़ा दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
दो पहिया वाहन बनाने वाली जानी-मानी कंपनी रॉयल एनफिल्ड (Royal Enfield) की पैरेंट कंपनी, आइचर मोटर्स (Eicher Motors) को लेकर इस वक्त एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. हाल ही में तीन विभिन्न संस्थाओं द्वारा GST से संबंधित मामलों में कंपनी को 130 करोड़ रुपए का टैक्स नोटिस जारी किया गया है. आइचर मोटर्स द्वारा यह जानकारी एक रेगुलेटरी फाइलिंग के दौरान साझा की गई है.
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि आइचर मोटर्स (Eicher Motors) को कुल 129.79 करोड़ रुपए के लिए टैक्स नोटिस जारी किया गया है. 129.79 करोड़ की इस कुल राशि में 11.8 करोड़ रुपयों की पेनल्टी भी शामिल है और यह पेनल्टी CGST और केंद्रीय एक्साइज के प्रमुख कमिश्नर द्वारा कंपनी को जारी की गई है. यह जानकारी भी रेगुलेटरी फाइलिंग के दौरान आइचर मोटर्स द्वारा साझा की गई है. फाइलिंग में कंपनी ने यह भी कहा है कि अफसर ने कुछ GST क्रेडिट को हटा दिया है और GST की मांग को बढ़ा दिया है. अफसर द्वारा ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि कंपनी द्वारा प्राप्त किये गए GST और विभिन्न सप्लायर्स द्वारा दर्ज करवाए गए GST रिटर्न में अंतर देखने को मिला है और इसीलिए कंपनी को यह टैक्स नोटिस जारी कर दिया गया है.
71 लाख रुपयों की भी हुई मांग
इसके साथ ही GSTR-3B में घोषित किये गए टर्नओवर और GSTR-1 में कंपनी द्वारा दर्ज करवाए गए रिटर्न्स में भी अंतर देखने को मिला है और यह भी एक कारण है कि कंपनी को टैक्स नोटिस दर्ज करवाया गया है. इसके साथ ही आइचर मोटर्स (Eicher Motors) ने यह भी बताया है कि कंपनी से 70.9 लाख रुपयों की मांग की गई है और कंपनी पर 3.2 लाख रुपयों की पेनल्टी भी लगाई गई है और यह पेनल्टी एक्साइज और टैक्सेशन अफसर कम पंजाब राज्य के टैक्स अफसर द्वारा कंपनी पर लगाई गई है. यह पेनल्टी वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान GSTR-3B, GSTR-1 और GSTR-9 में दर्शाए गए टर्नओवर में मौजूद अंतर की वजह से कंपनी को जारी किये गए हैं.
Eicher Motors करेगी अपील
इसके साथ ही कंपनी ने यह जानकारी भी दी है कि वित्त वर्ष 2017-18 से वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान हुई बिक्री के लिए जारी किये क्रेडिट नोट को GST कमिश्नरेट जयपुर द्वारा अमान्य कर दिया गया है और 49.8 लाख रुपयों की मांग की गई है जिसमें 4.5 लाख रुपयों की पेनल्टी और ब्याज भी शामिल किया गया है. आपको बता दें कि कंपनी ने यह भी कहा है कि कंपनी इन मांगों की जांच कर रही है और कंपनी अपने सभी विकल्पों की तलाश कर रही है और इन आदेशों के खिलाफ कंपनी अपील करेगी.
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