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अमेरिकी टैरिफ के असर से बाजार तीन महीने की सबसे बड़ी गिरावट में, सेंसेक्स 800 अंक टूटा
भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार को तीन महीने की सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा रही.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद मंगलवार यानी 26 अगस्त को भारतीय शेयर बाजारों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी 50 में 1.02% की गिरावट आई और यह 24,712.05 पर बंद हुआ. वहीं, बीएसई सेंसेक्स 1.04% लुढ़क कर 80,786.54 पर बंद हुआ. इसके साथ ही दोनों प्रमुख सूचकांक अगस्त महीने में निगेटिव जोन में चले गए हैं.
यह गिरावट तब आई जब अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने बुधवार से भारत से निर्यात होने वाली सभी वस्तुओं पर अतिरिक्त शुल्क लागू करने की पुष्टि की. इसके बाद रुपया लगातार पांचवें सत्र में कमजोर हुआ, और स्मॉल-कैप शेयरों में 2%, मिड-कैप में 1.6% की गिरावट आई.
गिरावट सभी क्षेत्रों में फैली
16 प्रमुख सेक्टरों में से 15 सेक्टर लाल निशान में रहे. एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक लगभग 1% गिरे. रिलायंस इंडस्ट्रीज़ में 2% से ज्यादा की गिरावट आई. ये कंपनियां प्रमुख सूचकांकों में सबसे ज्यादा वजन रखती हैं.
विदेशी निवेशकों ने दिखाई सतर्कता
टैरिफ और कमजोर कॉरपोरेट नतीजों की आशंका के चलते अगस्त में विदेशी निवेशकों ने करीब 2.5 अरब डॉलर के शेयर बेचे, जो फरवरी के बाद सबसे बड़ा बहिर्वाह है.
GDP पर असर की आशंका
विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर यह टैरिफ लागू रहता है, तो भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ पर 60 बेसिस पॉइंट तक असर पड़ सकता है. इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो पार्ट्स, रत्न और आभूषण, मरीन उत्पाद और कपड़ा उद्योग सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं.
बुधवार को बंद रहेंगे बाजार
बाजार बुधवार को बंद रहेंगे और गुरुवार को फिर से खुलेंगे, यानी टैरिफ प्रभावी होने के एक दिन बाद. अमेरिका द्वारा लगाए गए नए शुल्कों के बाद कुछ भारतीय उत्पादों पर शुल्क 50% तक पहुंच सकता है, जो अब तक के सबसे ऊंचे अमेरिकी आयात शुल्कों में से एक है.
कुछ शेयरों ने दिखाई मजबूती
वहीं, उपभोक्ता शेयरों में 0.9% की तेजी आई. इसमें ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज़ सबसे आगे रही, क्योंकि बाजार में बिस्किट पर जीएसटी कम होने की उम्मीद है. ओला इलेक्ट्रिक ने अपने Gen 3 स्कूटर को मिला अनुपालन प्रमाणपत्र के बाद 4.6% की छलांग लगाई.
वोडाफोन आइडिया में बड़ी गिरावट
वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 9.3% की गिरावट आई. रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार उसकी बकाया राशि पर और कोई राहत नहीं देने जा रही है. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार "घरेलू निवेशक सतर्क हो गए हैं क्योंकि अमेरिकी टैरिफ बुधवार से प्रभावी हो रहे हैं. रुपये में लगातार गिरावट और विदेशी निवेशकों की निकासी भी बाजार पर दबाव डाल रही है. सरकार के संभावित राहत पैकेज और जीएसटी संशोधन की घोषणाओं पर अब सभी की नजरें टिकी हैं."
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