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क्रिकेट बना Reliance और Walt Disney के मर्जर के बीच रोड़ा, जानिए कैसे?
रिलायंस ग्रुप और डिज्नी के बीच स्टार इंडिया का कारोबार खरीदने के लिए एक बड़ी डील होने वाली है. वहीं, अब इस डील को लेकर CCI ने कई चिंता व्यक्त की हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बिजनेसमैन मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस (Reliance) और दिग्गज एंटरटेनमेंट कंपनी वॉल्ट डिज्नी (Walt Disney) ने अपने मीडिया एसेट के मर्जर करने की घोषणा की है. इस मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी देश की सबसे बड़ी एंटरटेनमेंट कंपनी होगी, जिसकी वैल्यू करीब 8.5 अरब डॉलर यानी 71,196 करोड़ रुपये होगी. वहीं, अब क्रिकेट इस मर्जर के बीच रोड़ा बनता नजर आ रहा है. तो आइए जानते हैं ऐसी क्या वजह है, जो क्रिकेट इस मर्जर के लिए चिंता का विषय बन गया है?
सीसीआई ने जताई ये चिंता
क्रिकेट फैन्स को मार्केट में मोनोपॉली का खामियाजा ना भुगतना पड़े इसलिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने रिलायंस-डिज्नी डील की लगभग पूरी प्रोसेस खत्म होने के बाद अब आखिरी वक्त में इसे लेकर कई चिंता व्यक्त की हैं, क्योंकि अभी भी इस डील को रेग्युलेटरी मंजूरियां मिलनी बाकी है. रिलायंस और डिज्नी की डील को लेकर सीसीआई ने सबसे बड़ी चिंता ‘क्रिकेट के ब्रॉडकास्टिंग राइट्स’ को लेकर जताई है, क्योंकि डिज्नी के स्टार स्पोर्ट चैनल्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी+हॉटस्टार और रिलायंस के जियो सिनेमा के पास लगभग देश में हर तरह के क्रिकेट मैच के अधिकार हैं. इसमें आईसीसी के मैचेस लेकर आईपीएल के मैचेस शामिल हैं.
खराब होगा कॉम्पीटिशन
मीडिय़ा रिपोर्ट्स के अनुसार यह मर्जर देश में कंप्टीशन को नुकसान पहुंचाएगा. ऐसे में सीसीआई ने रिलायंस और डिज्नी दोनों को प्राइवेटली पूछा है कि इस मर्जर को लेकर क्यों ना एक जांच बैठाई जाए. सीसीआई ने डिज्नी को अलग से लिखकर इस डील से जुड़ी अपनी चिंताओं के बारे में बताया है. उसका कहना है कि इस मर्जर डील से मार्केट के अन्य प्लेयर्स पर इंपैक्ट पड़ेगा. सोनी, जी एंटरटेनमेंट नेटफ्लिक्स और अमेजन पर इसका असर होगा. मर्जर के बाद नई कंपनी के पास करीब 120 टीवी चैनल और 2 ओटीटी प्लेटफॉर्म होंगे. रिलायंस अभी वायकॉम 18 की भी मालिक है. हालांकि सीसीआई ने दोनों कंपनियों को जांच के सवाल का जवाब देने के लिए 30 दिन का समय दिया है.
रिलायंस उठा सकती है मोनोपॉली का गलत फायदा
सीसीआई की चिंता है कि मर्जर के बाद नई बनने वाली कंपनी में मेजॉरिटी स्टेक देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी की रिलायंस के पास होगा. अपनी इस मोनोपॉली का फायदा उठाकर कंपनी मार्केट में ओवर प्राइसिंग, प्राइसिंग वार को खेल सकती है. वहीं एडवर्टाइजर्स पर अपनी पकड़ मजबूत कर सकती है. इसका खामियाजा सब्सक्रिप्शन फीस बढ़ोतरी के रूप में एंड यूजर को उठाना पड़ सकता है. वहीं, मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी लाइव इवेंट्स के दौरान एडवरटाइजर्स के लिए रेट्स बढ़ा सकती है.
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