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COP27 में CDRI ने की Infrastructure Resilience Accelerator Fund बनाने की घोषणा
आईआरएएफ के लिए पांच साल की शुरुआती अवधि में लगभग 50 मिलियन डॉलर की वित्तीय प्रतिबद्धताओं की घोषणा की पहले ही की जा चुकी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए Coalition for Disaster Resilient Infrastructure (सीडीआरआई) ने बुधवार को शर्म अल शेख, मिस्र में चल रहे सीओपी27 के इंडिया पवेलियन में इन्फ्रास्ट्रक्चर रेजिलिएंस एक्सेलेरेटर फंड (आईआरएएफ) जो कि एक सीडीआरआई का एक मल्टी-पार्टनर ट्रस्ट फंड है, उसको बनाने की घोषणा की है. आईआरएएफ के लिए पांच साल की शुरुआती अवधि में लगभग 50 मिलियन डॉलर की वित्तीय प्रतिबद्धताओं की घोषणा की पहले ही की जा चुकी है.
इन देशों से मिला है सहयोग
इस फंड को भारत, यूके, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ द्वारा सहयोग मिला है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने सोमवार को जीवन बचाने और विनाश को कम करने के लिए दुनिया भर में प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Early Warning Systems) स्थापित करने के लिए पांच साल के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की शुरुआत कर दी. यह विकासशील देशों और जलवायु परिवर्तन से सबसे बड़े खतरों का सामना करने वाले द्वीप राष्ट्रों में ‘आपदा-लचीला’ बुनियादी ढांचा प्रणालियों को वित्तपोषित करेगा.
न्यूयॉर्क से होगा फंड का संचालन
IRAF एक बहु-दाता ट्रस्ट फंड है जिसे UNDP और UNDRR के समर्थन से स्थापित किया गया है. इसका प्रबंधन यूनाइटेड नेशन मल्टी-पार्टनर ट्रस्ट फंड ऑफिस (UNMPTFO) न्यूयॉर्क द्वारा किया जाएगा. एक साथ दिए गए बयान में कहा गया है कि फंड “विकास के सभी चरणों में देशों के लिए बुनियादी ढांचे के जीवन चक्र में अनुकूलित तकनीकी सहायता, क्षमता निर्माण, अनुसंधान, ज्ञान प्रबंधन और वकालत” की पेशकश करेगा.
अब तक जुड़ चुके हैं इतने देश और संगठन
सीडीआरआई की शुरुआत के बाद से, 31 देश, छह अंतरराष्ट्रीय संगठन और दो निजी क्षेत्र के संगठन इसके सदस्य के रूप में शामिल हुए हैं.
भारत से हुई थी इसकी शुरुआत
28 अगस्त, 2019 को केंद्रीय कैबिनेट ने 480 करोड़ रुपये की सहायता के साथ नई दिल्ली में अपने सचिवालय के साथ सीडीआरआई की स्थापना को मंजूरी दी थी. भारत सरकार की ओर से सीडीआरआई के लिए तकनीकी सहायता और अनुसंधान परियोजनाओं को निरंतर आधार पर वित्तपोषित करने, सचिवालय कार्यालय स्थापित करने और 2019-20 से 2023-24 तक पांच वर्षों की अवधि में आवर्ती व्यय को कवर करने के लिए एक कोष के रूप में कार्य करती है.
सीडीआरआई को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 23 सितंबर, 2019 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन के दौरान लॉन्च किया गया था. राष्ट्रीय सरकारों, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और कार्यक्रमों, बहुपक्षीय विकास बैंकों और वित्तपोषण तंत्र, निजी क्षेत्र की वैश्विक साझेदारी के रूप में इसकी कल्पना की गई थी.
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