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बिना मंजूरी बिल में जोड़ा सर्विस चार्ज, चायोस-बार्बेक्यू नेशन समेत 41 रेस्टोरेंट्स पर CCPA ने की कार्रवाई
दिल्ली हाई कोर्ट ने 28 मार्च 2025 को 'नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य' मामले में फैसला सुनाते हुए CCPA की गाइडलाइंस को वैध ठहराया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 day ago
उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालने वाले रेस्टोरेंट्स के खिलाफ केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने चायोस, बार्बेक्यू नेशन और ल'ओपेरा फ्रेंच बेकरी समेत देशभर के 41 रेस्टोरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है. आरोप है कि इन रेस्टोरेंट्स ने ग्राहकों की स्पष्ट सहमति के बिना बिल में डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज जोड़कर उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन किया. कई मामलों में जुर्माना भी लगाया गया है और वसूला गया सर्विस चार्ज लौटाने के निर्देश दिए गए हैं.
शिकायतों के आधार पर हुई कार्रवाई
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कार्रवाई की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि चायोस, बार्बेक्यू नेशन, ल'ओपेरा फ्रेंच बेकरी प्राइवेट लिमिटेड सहित कई रेस्टोरेंट्स पर कार्रवाई की गई है. यह कदम नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) पर मिली शिकायतों के आधार पर उठाया गया. शिकायतों के साथ जमा किए गए बिलों से पता चला कि ग्राहकों की स्पष्ट मंजूरी के बिना ही सर्विस चार्ज स्वतः जोड़ दिया गया था.
CCPA ने माना गाइडलाइंस का उल्लंघन
शिकायतों की जांच के बाद CCPA ने पाया कि रेस्टोरेंट्स द्वारा डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज जोड़ना 'होटल और रेस्टोरेंट में सर्विस चार्ज लगाने के संबंध में गलत व्यापारिक तरीकों को रोकने और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए जारी गाइडलाइंस' का उल्लंघन है. अथॉरिटी ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(47) के तहत 'अनुचित व्यापारिक व्यवहार' भी माना.
दिल्ली हाई कोर्ट ने भी CCPA की गाइडलाइंस को दी थी मंजूरी
दिल्ली हाई कोर्ट ने 28 मार्च 2025 को 'नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य' मामले में फैसला सुनाते हुए CCPA की गाइडलाइंस को वैध ठहराया था. अदालत ने कहा था कि सर्विस चार्ज की अनिवार्य वसूली कानून के अनुरूप नहीं है. साथ ही सभी होटल और रेस्टोरेंट्स को इन गाइडलाइंस का पालन करने का निर्देश दिया गया था.
क्या कहती हैं CCPA की गाइडलाइंस?
4 जुलाई 2022 को जारी गाइडलाइंस के अनुसार:
1. कोई भी होटल या रेस्टोरेंट बिल में डिफॉल्ट या स्वतः सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकता.
2. किसी अन्य नाम से भी सर्विस चार्ज की वसूली नहीं की जा सकती.
3. ग्राहकों को सर्विस चार्ज देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता. यह पूरी तरह स्वैच्छिक और ग्राहक की इच्छा पर निर्भर होगा.
4. सर्विस चार्ज न देने पर ग्राहक को सेवा देने से इनकार नहीं किया जा सकता.
5. बिल में जोड़े गए सर्विस चार्ज पर GST नहीं लगाया जा सकता.
चायोस पर लगा जुर्माना
CCPA ने एक मामले में चायोस (सनशाइन टीहाउस प्राइवेट लिमिटेड) के खिलाफ अंतिम आदेश जारी करते हुए 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही कंपनी को ग्राहकों से वसूला गया सर्विस चार्ज वापस करने का भी निर्देश दिया गया है. यह कार्रवाई उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन और अनुचित व्यापारिक व्यवहार के खिलाफ CCPA की सख्ती को दर्शाती है.
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