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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर CBI करेगी जांच, Sammaan Capital ने कहा- किसी भी मामले में कंपनी आरोपी नहीं
दिल्ली पुलिस की EOW की FIR में Sammaan Capital को कथित लेनदेन का पीड़ित बताया गया, कंपनी ने कहा- पांच समूहों को दिए गए सभी ऋण की राशि वापस मिल चुकी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
सम्मान कैपिटल (Sammaan Capital) से जुड़े कथित लेनदेन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को जांच के निर्देश दिए हैं. इससे पहले दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) इस मामले में FIR दर्ज कर चुकी है, जिसमें कंपनी के पूर्व प्रमोटर समीर गहलोत समेत कई कारोबारी समूहों के नाम आरोपी के तौर पर शामिल हैं. सम्मान कैपिटल ने कहा है कि कंपनी इस FIR में आरोपी नहीं है और उसे कथित लेनदेन का पीड़ित माना गया है.
सम्मान कैपिटल के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली पुलिस की EOW ने 15 दिसंबर 2025 को FIR दर्ज की थी. इस FIR में Indiabulls Housing Finance Ltd. (IHFL) के पूर्व प्रमोटर समीर गहलोत, DLF Group, Vatika Group, Americorp Group, Chordia Group और Reliance ADAG Group को आरोपी बनाया गया था.
सम्मान कैपिटल को कथित लेनदेन का पीड़ित बताया गया
कंपनी ने स्पष्ट किया कि सम्मान कैपिटल इस FIR में आरोपी नहीं है. कंपनी के अनुसार, जांच में उसे संबंधित उधारकर्ता समूहों, समीर गहलोत और उनकी प्रमोटर इकाइयों के बीच कथित ‘क्विड प्रो क्वो’ यानी कथित लेनदेन व्यवस्था का संभावित पीड़ित माना गया है.
कंपनी ने बताया कि 11 अगस्त 2026 को दिल्ली पुलिस की EOW ने इस FIR में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की. इस रिपोर्ट में कहा गया कि PIL में जिन पांच समूहों का उल्लेख किया गया था, उन्हें दिए गए ऋण से संबंधित पूरी राशि सम्मान कैपिटल को वापस मिल चुकी है.
इसके बाद मामले को रिकॉर्ड पर लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने CBI को EOW द्वारा दर्ज FIR में लगाए गए आरोपों की जांच करने को कहा. कंपनी ने दोहराया कि इस FIR में भी सम्मान कैपिटल आरोपी नहीं है.
Yes Bank और IHFL के पूर्व प्रमोटरों से जुड़े लेनदेन की भी जांच
सम्मान कैपिटल ने कहा कि CBI अलग से Yes Bank Ltd. के प्रमोटरों की कंपनियों और IHFL के पूर्व प्रमोटर समीर गहलोत की कंपनियों के बीच हुए लेनदेन की जांच कर रही है. कंपनी के मुताबिक, इस जांच में भी सम्मान कैपिटल के खिलाफ कोई जांच नहीं चल रही है. कंपनी ने कहा कि CBI की ओर से दायर आवेदन केवल समीर गहलोत, उनकी प्रमोटर कंपनियों और राणा कपूर से जुड़े आरोपों की जांच तक सीमित है.
सात वर्षों में किसी एजेंसी को नहीं मिला कोई उल्लंघन
सम्मान कैपिटल ने दावा किया कि पिछले सात वर्षों के दौरान PIL में लगाए गए आरोपों से जुड़े मामलों में उसे किसी भी तरह की गड़बड़ी से मुक्त पाया गया है. कंपनी के अनुसार, मामले की जांच करने वाली विभिन्न वैधानिक एजेंसियों को PIL में लगाए गए आरोपों के अनुरूप कोई उल्लंघन नहीं मिला.
कंपनी के मुताबिक, इस मामले को देखने वाली एजेंसियों में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (MCA), नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB), भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) शामिल हैं. सम्मान कैपिटल ने कहा कि PIL में लगाए गए आरोपों से उत्पन्न किसी भी जांच में उसे किसी एजेंसी द्वारा आरोपी नहीं बनाया गया है.
2023 से समीर गहलोत से कोई संबंध नहीं
कंपनी ने यह भी कहा कि समीर गहलोत द्वारा 2023 में कंपनी के प्रमोटर पद से हटने और अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के बाद से सम्मान कैपिटल का उनसे कोई संबंध नहीं है. कंपनी ने बताया कि अब उसका संचालन एक नए प्रमोटर, अबू धाबी स्थित International Holding Company PJSC (IHC), के तहत हो रहा है. कंपनी के अनुसार, IHC ने सम्मान कैपिटल में 1 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है. इसे भारतीय NBFC क्षेत्र के सबसे बड़े प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) सौदों में से एक बताया गया है. कंपनी ने कहा कि IHC अब उसके बोर्ड पर नियंत्रण रखता है.
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