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भारत में 5 साल में 50 स्टोर खोलेगा Carrefour, दिल्ली-मुंबई पर भी नजर
कंपनी ने एनसीआर से विस्तार की शुरुआत की है और दिल्ली-मुंबई समेत टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी संभावनाएं तलाश रही है. विस्तार के लिए नए स्टोर खोलने के साथ अधिग्रहण के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
फ्रांस की रिटेल कंपनी कैरेफोर (Carrefour) अगले पांच साल में भारतीय बाजार में अपने स्टोर की संख्या बढ़ाकर 50 करने की योजना बना रही है. कंपनी ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पहला स्टोर खोलने के बाद 15 अक्टूबर को गाजियाबाद में अपना दूसरा स्टोर शुरू किया. अब कंपनी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के साथ दिल्ली, मुंबई और दूसरे शहरों में विस्तार की संभावनाएं तलाश रही है.
दुबई स्थित अपैरल ग्रुप के साथ फ्रेंचाइजी साझेदारी के जरिए भारतीय बाजार में उतरी कैरेफोर की रणनीति फिलहाल ऑफलाइन स्टोर नेटवर्क को मजबूत करने पर केंद्रित है. कंपनी नए स्टोर खोलने के अलावा मौजूदा रिटेल नेटवर्क के अधिग्रहण, क्विक कॉमर्स और भारत से फैशन एवं फुटवियर उत्पादों की खरीद के अवसरों पर भी विचार कर रही है.
अपैरल ग्रुप की मालिक कंपनी ऐपकॉर्प होल्डिंग के चेयरमैन नीलेश वेद ने बीडब्ल्यू रिटेल वर्ल्ड से बातचीत में बताया कि कंपनी अगले पांच साल में 50 स्टोर खोलने का लक्ष्य लेकर चल रही है. उन्होंने कहा कि भारत में विस्तार के लिए कंपनी ऐसे बाजारों को प्राथमिकता देगी, जहां पर्याप्त संख्या में स्टोर खोलकर परिचालन को प्रभावी बनाया जा सके.
ग्लोबल ब्रांड के साथ भारतीय बाजार में विस्तार
कैरेफोर एक अंतरराष्ट्रीय रिटेल ब्रांड है, जिसका वैश्विक स्तर पर व्यापक स्टोर नेटवर्क है. कंपनी भारतीय बाजार में अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान और रिटेल क्षेत्र के अनुभव के आधार पर कारोबार बढ़ाना चाहती है.
नीलेश वेद के मुताबिक, कंपनी का लक्ष्य केवल अलग-अलग शहरों में एक-एक स्टोर खोलना नहीं है, बल्कि उन क्षेत्रों में स्टोर का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है, जहां कारोबार को लंबे समय तक टिकाऊ बनाया जा सके.
उन्होंने कहा कि विस्तार के दौरान सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाएगा. कंपनी बहुत अधिक भौगोलिक क्षेत्रों में एक साथ विस्तार करने के बजाय आसपास के इलाकों में पर्याप्त संख्या में स्टोर खोलने की रणनीति पर काम कर रही है.
वेद ने कहा, “हमें राज्यों या आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर कारोबार की जरूरत है. हम अपने कारोबार को बहुत ज्यादा क्षेत्रों में फैलाकर संसाधनों को बिखेरना नहीं चाहते.” इस रणनीति से कंपनी को उत्पादों की आपूर्ति, स्टॉक प्रबंधन और स्टोर संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है.
दिल्ली और मुंबई में जगह तलाश रही कंपनी
एनसीआर में शुरुआती मौजूदगी बनाने के बाद कैरेफोर दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े बाजारों में भी प्रवेश की तैयारी कर रही है. कंपनी इन शहरों में स्टोर खोलने के लिए उपयुक्त स्थान तलाश रही है. कुछ नए मॉल में जगह को लेकर बातचीत भी चल रही है.
हालांकि, कंपनी ने दिल्ली और मुंबई में स्टोर खोलने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है. विस्तार का फैसला उपयुक्त लोकेशन मिलने और कारोबार की व्यावसायिक संभावनाओं के आधार पर किया जाएगा.
वेद ने कहा कि दिल्ली और मुंबई दोनों बाजारों में कंपनी जगह तलाश रही है. आने वाले वर्षों में खुलने वाले कुछ नए मॉल भी उसके विस्तार की योजना का हिस्सा हो सकते हैं.
कंपनी की योजना केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है. वेद के मुताबिक, भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी रिटेल कारोबार के विस्तार की अच्छी संभावनाएं हैं. कंपनी इन बाजारों में भी अवसरों का आकलन कर रही है. हालांकि, हर शहर में प्रवेश करने से पहले कंपनी स्थानीय प्रतिस्पर्धा, ग्राहकों की मांग और स्टोर नेटवर्क स्थापित करने की संभावनाओं का आकलन करेगी.
अधिग्रहण से तेजी से बढ़ सकता है स्टोर नेटवर्क
कैरेफोर भारत में विस्तार के लिए अधिग्रहण के विकल्प को भी खुला रख रही है. कंपनी का मानना है कि यदि किसी मौजूदा रिटेल नेटवर्क का अधिग्रहण करने का अवसर मिलता है, तो उसके जरिए नए बाजारों में तेजी से पहुंच बनाई जा सकती है.
वेद ने कहा कि कंपनी संभावित अधिग्रहण के अवसरों पर विचार करेगी और जरूरत पड़ने पर इसके लिए निवेश भी बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि अगर 80 स्टोर वाले नेटवर्क के अधिग्रहण का अवसर मिलता है, तो कंपनी उसे खरीदने पर विचार कर सकती है. यह एक संभावित स्थिति का उदाहरण था, किसी तय सौदे की घोषणा नहीं.
अधिग्रहण से कंपनी को पहले से स्थापित स्टोर, लोकेशन और परिचालन नेटवर्क का लाभ मिल सकता है. इससे नए बाजारों में विस्तार की प्रक्रिया तेज हो सकती है. हालांकि, कैरेफोर ने फिलहाल किसी संभावित अधिग्रहण के लिए कंपनी या रिटेल नेटवर्क का नाम नहीं बताया है.
वेद के मुताबिक, विस्तार के लिए निवेश जारी रहेगा और यदि अधिग्रहण का कोई उपयुक्त अवसर सामने आता है, तो निवेश की जरूरत भी बढ़ सकती है. कंपनी ने भारत में अपने पांच साल के विस्तार लक्ष्य के लिए कुल निवेश राशि का खुलासा नहीं किया है.
पहले ऑफलाइन स्टोर, फिर क्विक कॉमर्स
कैरेफोर की फिलहाल प्राथमिकता अपने ऑफलाइन स्टोर नेटवर्क को मजबूत करना है. कंपनी आगे चलकर क्विक कॉमर्स कारोबार में भी उतरना चाहती है, लेकिन इसके लॉन्च की समयसीमा, डिलीवरी पार्टनर या परिचालन मॉडल के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है.
भारतीय रिटेल बाजार में कंपनी को पहले से स्थापित संगठित रिटेल कारोबारियों से प्रतिस्पर्धा करनी होगी. इनमें डीमार्ट जैसे बड़े रिटेलर शामिल हैं, जो कीमतों और रोजमर्रा के जरूरी सामान की उपलब्धता पर ध्यान देते हैं.
ऐसे बाजार में अपनी जगह बनाने के लिए कैरेफोर को उत्पादों की विविधता, कीमत, स्टोर लोकेशन और ग्राहकों के खरीदारी अनुभव पर ध्यान देना होगा.
भारतीय ग्राहक कीमतों को लेकर काफी जागरूक हैं और खरीदारी करते समय अलग-अलग विकल्पों की तुलना करते हैं. ऐसे में कंपनी के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान के साथ स्थानीय ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप कारोबार विकसित करना महत्वपूर्ण होगा.
भारत से फैशन और फुटवियर उत्पादों की खरीद पर भी नजर
कैरेफोर की भारत में रणनीति केवल घरेलू रिटेल बिक्री तक सीमित नहीं है. कंपनी भारत से फैशन और फुटवियर उत्पादों की खरीद कर उन्हें अपने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध कराने की संभावनाएं भी तलाश रही है.
इससे भारतीय आपूर्तिकर्ताओं के साथ कंपनी के संबंधों का दायरा बढ़ सकता है. हालांकि, इस योजना का आकार, उत्पादों की संभावित श्रेणियां और खरीद का लक्ष्य अभी स्पष्ट नहीं किया गया है.
भारतीय बाजार में कंपनी स्थानीय स्तर पर खरीदे गए उत्पादों के साथ अंतरराष्ट्रीय ब्रांड भी उपलब्ध करा रही है. गाजियाबाद स्थित स्टोर में किराने के सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुओं, ताजे फल-सब्जियों और बेकरी उत्पादों जैसी श्रेणियां शामिल हैं. कंपनी अपने निजी ब्रांड के उत्पादों की संभावनाएं भी तलाश रही है.
कैरेफोर के अंतरराष्ट्रीय साझेदारी कारोबार के कार्यकारी निदेशक पैट्रिक लासफार्ग ने कहा, “भारत में हमारे दूसरे स्टोर का खुलना इस बाजार में कैरेफोर की यात्रा का एक महत्वपूर्ण कदम है. ग्रेटर नोएडा में अपना पहला प्रमुख स्टोर शुरू करने के बाद गाजियाबाद में विस्तार से हमें एनसीआर में और अधिक ग्राहकों तक अपनी रिटेल सेवाएं पहुंचाने का अवसर मिला है. हम इस सफर को आगे बढ़ाने और पूरे भारत में अपनी मौजूदगी का विस्तार करने के लिए उत्सुक हैं.”
कंपनी की आगे की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह पांच साल में 50 स्टोर खोलने के लक्ष्य को किस गति से पूरा करती है और भारतीय बाजार में अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान को स्थानीय ग्राहकों की जरूरतों के साथ किस तरह जोड़ पाती है.
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