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इस पोर्ट के निर्माण को सरकार की हरी झंडी, 76000 करोड़ होंगे खर्च, 10 लाख मिलेंगे रोजगार
केंद्रीय कैबिनेट ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार आने वाले 5 साल में 76 हजार करोड़ खर्च करके भारत में नया पोर्ट बनाएगी, जो दुनिया के टॉप 10 पोर्ट्स में शामिल होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़ा फैसला लिया गया है. सरकार आने वाले 5 साल में 76 हजार करोड़ खर्च करके भारत में नया पोर्ट बनाएगी. दरअसल, सरकार ने महाराष्ट्र के पालघर में वधावन पोर्ट को मंजूरी दे दी है. इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में 76200 करोड़ रुपये का खर्च होने की संभावना है. वाधवन पोर्ट पर कंटेनर की कैपेसिटी 20 मिलियन Teu होगी. इससे पोर्ट के आसपास के इलाके में 10 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.
प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मिली मंजूरी के बाद इस परियोजना का निर्माण वधावन पोर्ट प्रोजेक्ट लिमिटेड (VPPL) द्वारा किया जाएगा. यह जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) और महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) द्वारा गठित एक SPV है. इसमें इनकी 74 प्रतिशत और 26 प्रतिशत की हिस्सेदारी है. वधावन बंदरगाह को हर मौसम में काम आने वाले ग्रीनफील्ड डीप ड्राफ्ट प्रमुख बंदरगाह के रूप में विकसित किया जाएगा. इसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मोड में मुख्य बुनियादी ढांचे, टर्मिनलों और अन्य वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे का विकास शामिल होगा.
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रेलवे और एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी
इस पोर्ट के आसपास रेलवे और हवाई अड्डे की शानदार कनेक्टिविटी होगी. देश में एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट को ग्रीन सिग्नल मिला है. इस पोर्ट का पहला फेज 2029 में पूरा होगा. ये पोर्ट विश्व के टॉप 10 में होगा. ये मुंबई से करीब 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. बंदरगाह में नौ कंटेनर टर्मिनल होंगे. इनमें से प्रत्येक 1,000 मीटर लंबा होगा. तटीय बर्थ सहित चार बहुउद्देशीय बर्थ, चार लिक्विड कार्गो बर्थ, एक रो-रो बर्थ और एक तटरक्षक बर्थ शामिल होंगे. इस परियोजना में समुद्र में 1,448 हेक्टेयर क्षेत्र का पुनर्ग्रहण और 10.14 किलोमीटर अपतटीय ब्रेकवाटर और कंटेनर/कार्गो भंडारण क्षेत्रों का निर्माण शामिल है.
10 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया है कि परियोजना के पूरा होने पर वधावन बंदरगाह दुनिया के शीर्ष दस बंदरगाहों में से एक होगा. इसके साथ ही यह पीएम गति शक्ति कार्यक्रम के उद्देश्यों के साथ यह परियोजना आर्थिक गतिविधि को बढ़ाएगा. इसमें लगभग 10 लाख व्यक्तियों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता भी होगी. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान मिलेगा.
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