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2030 तक भारत में ऑफिस REIT बाजार की हिस्सेदारी 30% तक पहुंच सकती है : Colliers

भारत में REITs का परिदृश्य तेजी से विकसित हो रहा है. निवेशकों के लिए यह एक नई और स्थिर कमाई का स्रोत बन रहा है, वहीं डेवलपर्स के लिए SBD और PBD क्षेत्रों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago

भारत का रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) बाजार तेजी से "प्रारंभिक" से "विकासशील" चरण में प्रवेश कर रहा है. कोलियर्स इंडिया (Colliers) की नवीनतम रिपोर्ट "REITs Unlocked: Accelerating India’s Real Estate Maturity" के अनुसार, वर्तमान में देश में लगभग 133 मिलियन वर्ग फुट ग्रेड A ऑफिस स्पेस पहले से ही चार सूचीबद्ध REITs के तहत शामिल है. रिपोर्ट बताती है कि यह आंकड़ा 2030 तक 25-30% तक बढ़ सकता है, जो वर्तमान में 16% है.

कोलियर्स के अनुसार, भारत में लगभग 500 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस REIT के योग्य है, जिनमें से 371 मिलियन वर्ग फुट को भविष्य में शामिल किया जा सकता है. इनमें से 60% अतिरिक्त REIT योग्य ऑफिस संपत्तियां देश के शीर्ष सात शहरों के सेकेंडरी बिजनेस डिस्ट्रिक्ट्स (SBDs) में केंद्रित हैं.

प्रमुख शहरों में REIT योग्य स्टॉक:

1. बेंगलुरु – 24% (89.7 मिलियन वर्ग फुट)
2. हैदराबाद – 19%
3. दिल्ली-NCR – 16%
4. पुणे – 14%
5. चेन्नई – 14%
6. मुंबई – 12%
7. कोलकाता – 1%

इनमें से अधिकांश अतिरिक्त स्टॉक PBD (पेरिफेरल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट) और SBD में स्थित हैं. केवल 14% ग्रेड A बिल्डिंग्स सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट्स (CBDs) में मौजूद हैं, जिन्हें भविष्य में REIT के तहत लाया जा सकता है.

REIT के अन्य क्षेत्रों में विस्तार

भारत में REIT और InvITs (Infrastructure Investment Trusts) केवल ऑफिस तक सीमित नहीं हैं. अब ये रिटेल, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क्स, होटल, रेंटल हाउसिंग और डेटा सेंटर्स जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार कर रहे हैं. भविष्य में को-लिविंग, सीनियर लिविंग और स्टूडेंट हाउसिंग जैसे सेगमेंट भी REIT पोर्टफोलियो का हिस्सा बन सकते हैं.

संचालन और किरायेदारी की स्थिति

भारत के ऑफिस REITs में वर्तमान में 86% से अधिक ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई है. किरायेदारी में टेक्नोलॉजी, BFSI, कंसल्टिंग, इंजीनियरिंग और फ्लेक्स स्पेस सेक्टर्स का बड़ा योगदान है. लंबी अवधि के पट्टे और स्थिर किराया आय REIT को निवेशकों के लिए आकर्षक बना रहे हैं.

प्रमुख REITs में किरायेदार प्रोफाइल

 REIT                            टेक्नोलॉजी                      BFSI             इंजीनियरिंग/मैन्युफैक्चरिंग       कंसल्टिंग            फ्लेक्स स्पेस 
 ब्रुकफील्ड                            43%                         54%                        3%                                -                       -            
 माइंडस्पेस                           12%                         39%                        11%                           28%                 10%           
 एम्बेसी                                   8%                         11%                        14%                           21%                 13%           
 नॉलेज रियल्टी                        55%                         22%                        4%                                -                      -

ESG और ग्रीन बिल्डिंग्स पर जोर

भारत के 86% ऑफिस REIT पोर्टफोलियो को ग्रीन सर्टिफिकेशन प्राप्त है और अगले कुछ वर्षों में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है. REITs 30-35% नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं, जिससे ये पोर्टफोलियो ESG-केंद्रित निवेशकों के लिए आकर्षक बनते जा रहे हैं.

विशेषज्ञों की राय

कोलियर्स इंडिया के सीईओ बादल याग्निक ने कहा "ऑफिस REITs भारत में विकास के प्रारंभिक चरण में हैं. ग्रेड A स्टॉक का 16% पहले ही सूचीबद्ध है और 371 मिलियन वर्ग फुट की अतिरिक्त संभावनाएं हैं. SBDs में उच्च मांग और टेक्नोलॉजी एवं BFSI कंपनियों की रुचि, REITs के विकास को और तेज करेगी."

कोलियर्स इंडिया के सीनियर डायरेक्टर और रिसर्च प्रमुख, विमल नादर ने कहा "भारत में REITs का भविष्य उज्ज्वल है. बढ़ते निवेश, नए लिस्टिंग्स और विविधता के चलते यह बाजार 2030 तक ऑफिस स्पेस के 25-30% तक पहुंच सकता है."


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