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अडानी पावर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, ₹1,005 करोड़ के भुगतान विवाद में कर्नाटक डिस्कॉम की याचिका खारिज
शीर्ष अदालत ने Aptel के आदेश में दखल देने से किया इनकार. कर्नाटक की बिजली कंपनियों को झटका, अब तीन महीने में होगा मामले का अंतिम निपटारा
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
अडानी पावर (Adani Power) को ₹1,005 करोड़ के भुगतान विवाद में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने कर्नाटक की बिजली वितरण कंपनियों यानी डिस्कॉम की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अडानी पावर की ओर से जारी चालान और भुगतान आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (Aptel) के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए मामले में तीन महीने के भीतर अंतिम फैसला सुनाने का निर्देश दिया है.
₹1,005 करोड़ के चालान को लेकर पहुंचा था मामला
विवाद बिजली खरीद से जुड़े बकाया भुगतान का है. अडानी पावर ने एक सरकारी पोर्टल पर करीब ₹1,005 करोड़ का चालान अपलोड किया था, जिसके खिलाफ कर्नाटक की बिजली वितरण कंपनियां अदालत पहुंची थीं.
जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ ने Aptel के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें चालान पर रोक लगाने की मांग खारिज की गई थी. Aptel ने केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग यानी CERC के उस आदेश को भी बरकरार रखा था, जिसमें डिस्कॉम को अडानी पावर की ओर से दावा की गई राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था.
2023 के CERC आदेश से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, CERC ने 2023 में कर्नाटक डिस्कॉम को अंतर राशि का भुगतान वहन लागत और लेट पेमेंट सरचार्ज के साथ करने के लिए उत्तरदायी ठहराया था. भुगतान छह किस्तों में किया जाना था. आदेश में यह भी कहा गया था कि तय शर्तों का पालन नहीं होने पर बिजली उत्पादक लेट पेमेंट सरचार्ज का हकदार होगा. इसके बाद अडानी पावर ने डिस्कॉम पर आदेश का पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए आयोग का रुख किया.
डिस्कॉम ने कहा- कोई बकाया नहीं
कर्नाटक की बिजली कंपनियों ने अपनी याचिका में दावा किया कि उनके ऊपर अडानी पावर का कोई बकाया नहीं है. उन्होंने तर्क दिया कि Aptel ने मामले के गुण-दोष पर विचार किए बिना CERC के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.
डिस्कॉम ने यह भी कहा कि विवादित राशि का भुगतान करने से उनकी वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो सकता है. कंपनियों ने बिजली आपूर्ति में संभावित बाधा और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले असर का भी हवाला दिया.
तीन महीने में आएगा अंतिम फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक डिस्कॉम की याचिका खारिज करते हुए Aptel को मामले में तीन महीने के भीतर अंतिम आदेश सुनाने का निर्देश दिया है. फिलहाल इस फैसले को अडानी पावर के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि भुगतान विवाद पर अंतिम फैसला अब अपीलीय न्यायाधिकरण करेगा.
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