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बैंकिंग सेक्टर में बड़े सुधारों की तैयारी, ‘विकसित भारत’ के लिए बनेगी उच्चस्तरीय समिति: निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री ने कहा, सरकार बैंकिंग सेक्टर की व्यापक समीक्षा के लिए जल्द करेगी उच्चस्तरीय समिति का गठन. वित्तीय स्थिरता, समावेशन और ग्राहक हितों को मजबूत करने पर रहेगा फोकस
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ सरकार अब बैंकिंग सेक्टर में अगले दौर के सुधारों की तैयारी कर रही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि ‘बैंकिंग फॉर विकसित भारत’ के लिए जल्द ही एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा. यह समिति देश की बदलती आर्थिक जरूरतों के अनुरूप बैंकिंग व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करेगी और भविष्य के सुधारों के लिए सुझाव देगी.
नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय पीएसबी सम्मेलन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही इस हाई-लेवल कमेटी के गठन की घोषणा कर सकती है. समिति का उद्देश्य बैंकिंग सेक्टर को भारत की अगली विकास यात्रा के लिए अधिक मजबूत, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार बनाना होगा.
बजट में किया गया था समिति गठन का ऐलान
वित्त मंत्री ने 1 फरवरी 2026 को पेश किए गए केंद्रीय बजट में ‘बैंकिंग फॉर विकसित भारत’ पर एक उच्चस्तरीय समिति बनाने का प्रस्ताव रखा था. सरकार का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अब विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रही है और ऐसे में बैंकिंग सिस्टम को भी नई चुनौतियों और बढ़ती वित्तीय जरूरतों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है. यह समिति बैंकिंग सेक्टर की मौजूदा व्यवस्था, उसकी चुनौतियों और भविष्य की जरूरतों का आकलन करेगी. इसके आधार पर सरकार को बैंकिंग सुधारों की दिशा तय करने में मदद मिल सकती है.
वित्तीय स्थिरता और समावेशन पर रहेगा फोकस
प्रस्तावित समिति के एजेंडे में केवल बैंकों की आर्थिक क्षमता और कर्ज देने की क्षमता बढ़ाना ही शामिल नहीं होगा. वित्तीय स्थिरता, वित्तीय समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण भी इसके प्रमुख मुद्दों में रहेंगे. डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के तेजी से विस्तार के बीच ग्राहकों के हितों और उनकी सुरक्षा को मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकता है. वहीं, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की पहुंच उन वर्गों तक बढ़ाने पर भी जोर रहेगा, जो अभी औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से पूरी तरह नहीं जुड़े हैं.
विकसित भारत के लक्ष्य में अहम है मजबूत बैंकिंग सिस्टम
भारत को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में बैंकिंग सेक्टर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. बैंक उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, छोटे कारोबार और आम उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता और कर्ज उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाते हैं. सरकार चाहती है कि बैंकिंग व्यवस्था देश की बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और निवेश जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिक मजबूत और सक्षम बने. उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशें आने वाले वर्षों में बैंकिंग सेक्टर में संभावित नीतिगत सुधारों और बदलावों का आधार तैयार कर सकती हैं. समिति के गठन के बाद इसके सदस्यों, कार्यक्षेत्र और रिपोर्ट की समयसीमा को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है.
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