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इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बड़ा बढ़ावा, सरकार ने ₹7,877 करोड़ की 31 परियोजनाओं को दी मंजूरी
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत मंजूर परियोजनाओं से ₹82,243 करोड़ के उत्पादन और करीब 10,000 नौकरियों के सृजन की उम्मीद
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 hours ago
देश में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत 31 और आवेदनों को मंजूरी दी है. इन परियोजनाओं में कुल ₹7,877 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने सोमवार को इसकी जानकारी दी.
इन नई मंजूरियों के साथ योजना के तहत स्वीकृत कुल निवेश अब सरकार के शुरुआती लक्ष्य से भी आगे निकल गया है. सरकार का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का मजबूत आधार तैयार करना और आयातित कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना है.
कैमरा मॉड्यूल से लेकर दुर्लभ मृदा चुंबक तक
नई मंजूर की गई परियोजनाओं में कैमरा और डिस्प्ले मॉड्यूल, एनोड सामग्री, उपकरण आवरण, कनेक्टर, ट्रांसड्यूसर, दुर्लभ-मृदा स्थायी चुंबक, प्रकाशीय ट्रांसीवर, स्पीकर, माइक्रोफोन और रिले जैसे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स शामिल हैं. इसके अलावा इलेक्ट्रोलाइट योजक, एंटीना, धातु-लेपित फिल्म, कॉइल, फिल्टर, कैपेसिटर और धातु परिरक्षण आवरण जैसे कंपोनेंट्स से जुड़ी परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है. एस. कृष्णन के मुताबिक, कॉपर-क्लैड लैमिनेट से जुड़ा निवेश भी बढ़ाया गया है. इस परियोजना के लिए पहले ही एक आवेदन को मंजूरी दी जा चुकी थी.
10 राज्यों में लगेंगी परियोजनाएं
सरकार के मुताबिक, नई मंजूर की गई परियोजनाएं देश के 10 राज्यों में स्थापित की जाएंगी. इनसे करीब ₹82,243 करोड़ का उत्पादन होने और लगभग 10,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. नई मंजूरियों के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत अब तक कुल 106 आवेदनों को मंजूरी मिल चुकी है. ये परियोजनाएं करीब 30 अलग-अलग उत्पाद श्रेणियों और 15 राज्यों में फैली हुई हैं.
₹59,350 करोड़ के लक्ष्य से आगे निकला निवेश
सरकार के अनुसार, ईसीएमएस के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में अब तक कुल ₹69,548 करोड़ का निवेश शामिल है. यह योजना के लिए तय किए गए शुरुआती ₹59,350 करोड़ के निवेश लक्ष्य से काफी अधिक है. सरकार ने 2030 तक देश में सालाना इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स के आयात पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया जा रहा है.
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन पकड़ रहा रफ्तार
एस. कृष्णन ने कहा कि जिन परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, उन्हें जमीन पर उतारने और विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने की गति यह संकेत देती है कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन तेजी पकड़ रहा है.
ईसीएमएस के तहत लगातार नई परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से देश में इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, घरेलू मूल्यवर्धन बढ़ाने और वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
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