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मंदी की लंबी गर्त में जाने वाला है UK! आसमानी ब्याज दरों से कैसे निपटेंगे ऋषि सुनक ?

बैंक ऑफ इंग्लैंड का कहना है कि बाजार की ऊंची ब्याज दरों को देखते हुए, ग्रोथ में 2023 और 2024 की पहली छमाही में गिरावट जारी रहने का अनुमान है

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: फेडरल रिजर्व के बाद बैंक ऑफ इंग्लैंड (Bank of England) भी ब्याज दरों में 0.75% की बढ़ोतरी कर दी है. ये बढ़ोतरी इंग्लैंड के इतिहास में 1989 के बाद एक बार में सबसे बड़ी बढ़ोतरी है. इस समय यूके 40 सालों में सबसे ऊंची महंगाई दर का सामना कर रहा है. बैंक ऑफ इंग्लैंड के ब्याज दरें बढ़ाने की वजह से ब्रिटिश पाउंड डॉलर के सामने और कमजोर हो गया. कल स्टर्लिंग 2% से ज्यादा टूटकर $1.1158 पर आ गया.

बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 0.75% दरें बढ़ाईं
इंग्लैंड में बीते दिनों चली राजनीतिक उठापटक के बाद ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री की गद्दी संभाली है, और इस वक्त वो कई गंभीर चुनौतियों से घिरे हुए हैं. देश की इकोनॉमी की हालत बेहद बुरी है. यूक्रेन और रूस की जंग के बाद से इंग्लैंड में महंगाई 40 सालों की ऊंचाई पर पहुंच गई है. इसलिये बैंक ऑफ इंग्लैंड ने महंगाई को काबू करने के लिए ब्याज दरों में 0.75% का इजाफा करके ब्याज दरों को 3% पर ला दिया है. बैंक ऑफ इंग्लैंड ने ब्याज दरें बढ़ाने के साथ साथ लंबी अवधि में मंदी की भी चेतावनी जारी की है और आगे भी सख्त मॉनिटरी पॉलिसी के संकेत दिए हैं. ब्याज दरों में ये बैंक ऑफ इंग्लैंड की लगातार 8वीं बढ़ोतरी है, मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी में 0.75% दरें बढ़ाने के पक्ष में 7-2 वोट पड़े, एक सदस्य ने 0.5% दरें बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया, जबकि एक अन्य सदस्य ने 0.25% की बढ़ोतरी में अपना मत दिया.  

GDP में भारी गिरावट का अनुमान
MPC का कहना है "समिति के बहुमत का मानना ​​​​है कि, अर्थव्यवस्था को नई मॉनिटरी पॉलिसी रिपोर्ट अनुमानों के हिसाब से ही विकसित करना चाहिए, इसके लिए महंगाई को वापस अपनी जगह पर लाने के लिए आगे ब्याज दरों में और इजाफा करने की जरूरत हो सकती है. MPC ने इस बात का भी जिक्र किया कि ग्रोथ और महंगाई को लेकर उसका अपडेटेड अनुमान यूके की इकोनॉमी के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण आउटलुक देते हैं. क्योंकि ये महंगाई को वापस 2% पर वापस लाना चाहते हैं. 2022 की दूसरी छमाही में यूके की जीडीपी में करीब 0.75% की गिरावट का अनुमान है, जो ऊर्जा और व्यापार योग्य चीजों की कीमतों में इजाफे से वास्तविक आय में निचोड़ को जाहिर करता है. 

ग्रोथ में गिरावट लंबी चलेगी
बैंक ऑफ इंग्लैंड का कहना है कि बाजार की ऊंची ब्याज दरों को देखते हुए, ग्रोथ में 2023 और 2024 की पहली छमाही में गिरावट जारी रहने का अनुमान है, क्योंकि ईंधन की ऊंची कीमतें और सख्त वित्तीय स्थिति खर्च पर दबाव डालती है. जब से तुलनात्मक रिकॉर्ड शुरू हुआ है, उसके बाद से ये सबसे लंबी मंदी होगी, बैंक ने ये भी कहा कि 2025 तक बेरोजगारी बढ़कर 6.5% पर पहुंच जाएगी. इंग्लैंड में महंगाई सितंबर में बढ़कर 10.1% पर पहुंच गई है, और चौथी तिमाही में 11% तक बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है, हालांकि बैंक को उम्मीद है कि महंगाई अगले साल की शुरुआत से गिरना शुरू हो जाएगा, क्योंकि ईंधन की कीमतें वार्षिक तुलना से बाहर हो जाती है. 

ईंधन की कीमतों को लेकर इंग्लैंड का संघर्ष जारी है, अगस्त से 12 महीनों में थोक गैस की कीमतों में पांच गुना की बढ़ोतरी हुई है. जबकि अगस्त के शिखर के बाद से कीमतों में 50% से अधिक की गिरावट आई है, उन पर सर्दियों के दौरान फिर से बढ़ने का खतरा मंडराता है और महंगाई बढ़ जाती है. 

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