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Premji Invest ने इस ऑनलाइन मैट्रेस कंपनी में किया 177 करोड़ का इंवेस्टमेंट
प्रेमजी इन्वेस्ट, कंपनी में अल्पमत हिस्सेदारी रखेगा. सीरीज बी राउंड फंडिंग के तहत 177 करोड़ रुपये का निवेश किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः गद्दे, तकिए, कुशन, बिस्तर और कुर्सियां जैसी वस्तुओं को ऑनलाइन बेचने वाली होमग्रोन डी2सी मैट्रेस ब्रांड कंपनी, द स्लीप में Wipro के संस्थापक अजीम प्रेमजी की कंपनी प्रेमजी इंवेस्ट व फायरसाइड वेंचर्स ने सीरीज बी राउंड फंडिंग के तहत 177 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इस तरह से कंपनी ने अभी तक 190.4 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं. स्टार्ट-अप को अल्टेरिया कैपिटल और अन्य निवेशकों का भी समर्थन प्राप्त है. पिछले साल जुलाई में फायरसाइड वेंचर्स के नेतृत्व में प्री-सीरीज ए राउंड में 13.4 करोड़ रुपये हासिल किए थे. पहले दौर में लॉगएक्स वेंचर्स (प्री-सीरीज ए) और वरुण अलघ, ममाअर्थ के सह-संस्थापक (प्री-सीरीज ए) की भागीदारी भी देखी गई है.
इन कंपनियों से है मार्केट में प्रतिस्पर्धा
गद्दे के क्षेत्र में कंपनी स्लीपवेल, स्प्रिंगवेल, ड्यूरोफ्लेक्स, कर्ल-ऑन और कॉयरफिट के साथ प्रतिस्पर्धा करती है ऑनलाइन ब्रांडों में इसके प्रतिद्वंद्वियों में वेकफिट, स्लीपीकैट, स्लीपहेड और स्लीपएक्स जैसी लगभग आधा दर्जन कंपनियां शामिल हैं.
कम हिस्सेदारी रखेगा प्रेमजी इंवेस्टमेंट
द स्लीप के संस्थापक हर्षित और प्रियंका सालोट ने बताया कि प्रेमजी इन्वेस्ट, कंपनी में अल्पमत हिस्सेदारी रखेगा. प्रेमजी इन्वेस्ट जिसने पर्पल, आईसीर्टिस, अमागी, आईडी फ्रेश फूड और अन्य स्टार्ट-अप में भी निवेश किया है.
ओमनी चैनल में जाने की है योजना
मुंबई स्थित द स्लीप कंपनी ने अपनी ऑफलाइन उपस्थिति का विस्तार करने और अपनी ओमनी-चैनल ब्रांड रणनीति को विकसित करने के लिए नए फंड का उपयोग करने की योजना बनाई है. इसके पास पहले से ही तीन सेंटर्स हैं, जो वित्त वर्ष 23 के अंत तक बढ़कर 25 हो जाएंगे. सह-संस्थापक प्रियंका ने साझा किया कि कंपनी ने डी2सी और डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड के रूप में शुरुआत की थी, लेकिन अब उसकी योजना ओमनीचैनल में जाने की है.
विदेश में करेगी अपनी टीम का विस्तार
कंपनी यूएई, जापान और यूके में अपनी टीम का विस्तार करना चाहती है और अपने ग्राहक आधार को मजबूत करना चाहती है, जहां पहले से ही इसकी मौजूदगी है. रिसर्च एंड मार्केट्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अव्यवस्थित भारतीय गद्दे का बाजार आज 12,000-13,000 करोड़ रुपये का है और 11 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ रहा है.
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