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आकाश में मजबूत हुई TATA की स्थिति, इस एयरलाइन में अब 100% हिस्सेदारी
मलेशिया की एयरलाइन ने एयरएशिया इंडिया में अपनी शेष हिस्सेदारी टाटा ग्रुप की एयर इंडिया (Air India) को बेचने के लिए करार किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
एविएशन सेक्टर में टाटा की स्थिति और मजबूत हो गई है. मलेशिया की एयरलाइन एयरएशिया (AirAsia) ने भारत को अलविदा कह दिया है. दरअसल, कंपनी ने एयरएशिया इंडिया में अपनी शेष 16.33 प्रतिशत हिस्सेदारी एयर इंडिया (Air India) को बेचने के लिए करार किया है. इसका मतलब है कि अब यह एयरलाइन पूरी तरह से TATA की हो गई है. एयरएशिया इंडिया ने 2014 में भारत के आसमान में उड़ना शुरू किया था. यह टाटा ग्रुप और एयरएशिया का जॉइंट वेंचर था.
155.64 करोड़ की डील
कोरोना महामारी एविएशन सेक्टर के लिए कई मुश्किलें लेकर आई. कंपनियों को बड़े पैमाने पर घाटा उठाना पड़ा. एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि एयरएशिया ग्रुप की भारत में आठ साल की यह यात्रा काफी मुश्किलों भरी रही. उसका घाटा लगातार बढ़ रहा था. यही वजह रही कि एयरएशिया ने भारत को पूरी तरह 'टाटा' कहने का फैसला लिया है. कंपनी एयरएशिया इंडिया में अपनी बची-खुची हिस्सेदारी टाटा ग्रुप के एयर इंडिया को बेच रही है. यह सौदा 155.64 करोड़ रुपए में होगा.
बढ़ गई है प्रतियोगिता
एयरएशिया इंडिया में अभी टाटा ग्रुप की 83.67 प्रतिशत हिस्सेदारी, जबकि एयर एशिया की 16.33 प्रतिशत. इस डील के बाद टाटा समूह एयरएशिया इंडिया में 100% का मालिक हो जाएगा. गौरतलब है कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने इस साल जून में एयर इंडिया को एयरएशिया इंडिया की पूरी हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दी थी. भारतीय एविएशन सेक्टर में प्रतियोगिता काफी बढ़ गई है. 'अकासा' जैसे लो-कॉस्ट एयरलाइन के मैदान में आने से बाकी कंपनियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कई परेशानियों से गुजरी कंपनी
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एयरएशिया इंडिया को लगातार घाटा हो रहा था. फाइनेंशियल ईयर 2022 में कंपनी का घाटा 42 फीसदी बढ़कर 2,178 करोड़ रुपए पहुंच गया था. केवल घाटा ही नहीं, कंपनी को भारत में कई तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ा. 2018 में कंपनी ने अपने पूर्व सीईओ मिट्टू चंडालिया के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज की थी. उन पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप थे. वह शुरुआत से अप्रैल 2016 तक कंपनी के सीईओ रहे थे. रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि 2018 में CBI ने एयरएशिया के ग्रुप सीईओ टोनी फर्नाडिस सहित कुछ दूसरे अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया था. उन पर सरकारी नीतियों को प्रभावित करने के आरोप थे.
कौन है नंबर वन?
भारतीय आकाश में अभी इंडिगो का दबदबा है. इंडिगो 100 डेस्टिनेशन कवर करती है, जिसमें 74 घरेलू और 26 अंतर्राष्ट्रीय शामिल हैं. भारत में कंपनी का मार्केट शेयर 57.7% है. लगभग 76.40 हजार करोड़ रुपए के मार्केट कैप वाली इंडिगो एयरलाइन की शुरुआत साल अगस्त 2006 में हुई थी. राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने मिलकर एयरलााइन की स्थापना की थी. हालांकि, बाद में दोनों के बीच मनमुटाव शुरू हो गए. दोनों में इस बात को लेकर झगड़ा है कि एयरलाइन को कौन और कैसे चलाएगा. कुछ वक्त पहले जब इंडिगो ने राहुल भाटिया को प्रबंध निदेशक के रूप में नामित किया, तब गंगवाल ने डॉयरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया था.
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