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AI क्रैश: हर मोर्चे पर मौजूद थी जेन स्ट्रीट

जब जुलाई में AI बूम का सबसे बड़ा दांव धराशायी हुआ, तो कुछ समय के लिए उसके पीछे की पूरी "आर्किटेक्चर" सामने आ गई. भारत में जांच के दायरे में रही फर्म जेन स्ट्रीट के पास चिप्स, कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर्स और मॉडल्स में हिस्सेदारी थी. यह शेयरों में मार्केट मेकर भी थी और उस सबसे बड़े फंड में भी इसका पैसा लगा हुआ था जो धराशायी हो गया. फंड के पतन के 12 दिन बाद जेन स्ट्रीट ने 14.6 अरब डॉलर जुटाए और फिर चुप्पी साध ली. क्या जेन स्ट्रीट के AI ट्रेड और उसके मामले में कोई पैटर्न है?

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago

पलक शाह

भारत जेन स्ट्रीट को इसलिए जानता है क्योंकि सेबी ने कहा था कि उसने बाजारों में हेरफेर किया. जुलाई के AI क्रैश ने एक झलक दी कि जब यह फर्म भारत के नियामकीय माइक्रोस्कोप के बाहर काम करती है तो उसका स्वरूप कैसा दिखता है. जुलाई के AI ब्लो-अप की अनकही कहानी.

जुलाई 2025 में नियामक ने इसे भारतीय बाजारों से प्रतिबंधित कर दिया और 4,843.57 करोड़ रुपये करीब 560 मिलियन डॉलर, वापस जमा कराने का आदेश दिया. सेबी के इतिहास में यह इस तरह का सबसे बड़ा आदेश था. आरोप था कि इसने एक्सपायरी के दिनों में इंडेक्स स्तरों में हेरफेर किया. जेन स्ट्रीट ने अपने काम को "बेसिक इंडेक्स आर्बिट्राज" बताया: न्यूट्रल, मैकेनिकल और किसी भी चीज पर कोई राय नहीं. इसने पैसा जमा कर दिया, प्रतिबंध हटा लिया गया और इसकी अपील सितंबर से सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल के सामने बिना सुने पड़ी है.

न्यूट्रैलिटी का यह दावा अब कोई तकनीकी मुद्दा या साइड डिटेल नहीं है. यही पूरा मामला है और यही मुख्य कारण है कि दुनिया भर के नियामक इस तरह की फर्मों को इतना बड़ा बनने, गोपनीय बने रहने और ऑर्डर बुक के इतने करीब रहने की अनुमति देते हैं. इसलिए यह समझना जरूरी है कि जेन स्ट्रीट बाकी जगहों पर क्या कर रही थी.

भारत में सेबी का मामला यह सवाल उठाता है कि क्या जेन स्ट्रीट ऑर्डर बुक के भीतर बैठकर और उसके आसपास ट्रेडिंग करते हुए भी न्यूट्रल रह सकती है. AI ब्लो-अप एक अलग लेकिन जुड़ा हुआ सवाल उठाता है: क्या वही फर्म केवल एक मार्केट मेकर हो सकती है, जब वह एक साथ उन कंपनियों के आसपास निवेशक, लेंडर, को-इन्वेस्टर और बिडर भी हो, जिनके शेयरों में वह मार्केट बनाती है?

इंस्ट्रूमेंट्स अलग हैं. सवाल वही है: मार्केट-मेकिंग कहां खत्म होती है और आर्थिक एक्सपोजर कहां शुरू होता है?

मशीन के अंदर जेन स्ट्रीट

यह वॉल स्ट्रीट की सबसे बड़ी प्रॉप ट्रेडिंग फर्मों में से एक है. इसके कोई बाहरी क्लाइंट नहीं हैं, कोई लिस्टेड शेयर नहीं है और इसकी सार्वजनिक आवाज लगभग नहीं के बराबर है. इसने 2025 में ट्रेडिंग से 39.6 अरब डॉलर कमाए, उन बैंकों के ट्रेडिंग आर्म्स से भी ज्यादा, जिनसे यह प्रतिस्पर्धा करती है और अकेले 2026 की पहली तिमाही में 16.1 अरब डॉलर का रेवेन्यू और 10.3 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया. और करीब दो वर्षों में इसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को चलाने वाली मशीनरी की लगभग हर परत में पोजीशन ली है.

AI बनने से पहले उसे जिन चीजों की जरूरत होती है, वहीं से शुरुआत कीजिए.

उसे चिप्स चाहिए. जेन स्ट्रीट ने MatX में 500 मिलियन डॉलर के निवेश का सह-नेतृत्व किया, जो Nvidia को चुनौती देने वाले प्रोसेसर डिजाइन करने वाला एक स्टार्ट-अप है.

उसे कंप्यूटिंग पावर चाहिए. जेन स्ट्रीट के पास CoreWeave की करीब 7 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो सबसे बड़ी लिस्टेड AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक है, और अप्रैल में इसने स्टॉक में 1 अरब डॉलर और लगाए.

उस कंप्यूटिंग पावर को बनाने के लिए कर्ज चाहिए. जेन स्ट्रीट CoreWeave के सबसे बड़े लेंडर्स में से एक भी है, रिपोर्ट के मुताबिक एक सिंगल फाइनेंसिंग फैसिलिटी में कमिटेड फंडिंग का करीब 35 प्रतिशत, जो केवल Anthropic से पीछे है और इसके साथ कई अरब डॉलर की क्लाउड कैपेसिटी कमिटेड है.

उसे डेटा सेंटर्स चाहिए. जेन स्ट्रीट ने Fluidstack में 1 अरब डॉलर के निवेश का सह-नेतृत्व किया, जिसमें कंपनी का वैल्यूएशन 18 अरब डॉलर था, जो उसी साल की शुरुआत में कंपनी की कीमत से दोगुने से भी ज्यादा था. Fluidstack का सबसे बड़ा ग्राहक Anthropic है, जिसके साथ कस्टम फैसिलिटीज बनाने के लिए कथित तौर पर दसियों अरब डॉलर का समझौता है.

और उसे मॉडल्स चाहिए. जेन स्ट्रीट के पास Anthropic में हिस्सेदारी है, जिसे उसने दो राउंड में खरीदा था. Bloomberg के मुताबिक, 2025 की एक तिमाही में प्राइवेट निवेशों ने इसके ट्रेडिंग रेवेन्यू में करीब 830 मिलियन डॉलर का योगदान दिया, कुल का करीब 12 प्रतिशत, जिसमें Anthropic का हिस्सा भारी था.

जेन स्ट्रीट AI बूम के आसपास सिर्फ ट्रेडिंग नहीं कर रही थी. उसने उस पूरी मशीनरी में निवेश किया था जिसने इस बूम को संभव बनाया. चिप कंपनी, कंप्यूटिंग कंपनी, कंप्यूटिंग कंपनी को कर्ज देने वाली संस्था, डेटा-सेंटर कंपनी और मॉडल कंपनी.

फिर खुद बाजार भी है

BW द्वारा जेन स्ट्रीट की अपनी तिमाही फाइलिंग्स के विश्लेषण, जिसमें 2025 की शुरुआत से CoreWeave, Bloom Energy, SanDisk, IREN, Core Scientific और Nebius शामिल हैं, से पता चलता है कि फर्म हर एक में मौजूद थी. लगभग हर तिमाही में यह तीन अलग-अलग लाइनें फाइल करती है: शेयर, कीमत बढ़ने पर लाभ देने वाली पोजीशन और कीमत गिरने पर लाभ देने वाली पोजीशन. तीनों एक साथ.

30 जून को तस्वीर ऐसी थी, जो पतन से पहले Leopold Aschenbrenner के अंतिम स्नैपशॉट की भी तारीख थी.

उनकी दूसरी सबसे बड़ी होल्डिंग SanDisk में 5.67 अरब डॉलर की थी. उसी तारीख को, उसी स्टॉक में, जेन स्ट्रीट ने 2.6 अरब डॉलर के शेयर, 8.1 अरब डॉलर की अपसाइड पोजीशन और 14.6 अरब डॉलर की डाउनसाइड पोजीशन रिपोर्ट की. इन तीनों को जोड़ें तो एक ही कंपनी में जेन स्ट्रीट की बुक करीब 25 अरब डॉलर की थी, Aschenbrenner के पूरे फंड से भी बड़ी.

यहां चीजों को जरूरत से ज्यादा पढ़ लेने का बड़ा प्रलोभन है. लेकिन हम इससे बचेंगे. जेन स्ट्रीट क्या कहेगी? एक ही नाम में शेयर, कॉल्स और पुट्स को एक साथ रखना किसी बड़े ऑप्शंस मार्केट-मेकिंग डेस्क का सामान्य परिणाम है. यह इन्वेंट्री और हेजिंग है, किसी के खिलाफ लगाया गया दांव नहीं.

लेकिन इसकी संरचना ही पूरी कहानी की संरचना है. तिमाही के आखिरी दिन, उस फंड की सबसे बड़ी सिंगल स्टॉक पोजीशन जो धराशायी होने वाला था, और उस फर्म की सबसे बड़ी डाउनसाइड बुक जो उस स्टॉक की कीमतें कोट कर रही थी, एक ही कंपनी में थी.

एक और पोजीशन थी

जून में Wall Street Journal ने रिपोर्ट किया कि जेन स्ट्रीट के निवेशों में अब Aschenbrenner का फंड भी शामिल था.

इस तरह फर्म उस इकोसिस्टम के अंदर थी जिस पर वह दांव लगा रहा था, और उस व्हीकल के अंदर भी जो लीवरेज्ड दांव लगा रहा था. जेन स्ट्रीट के पास Anthropic था; उसके पास Anthropic में करीब 5 अरब डॉलर थे. इसके पास CoreWeave था; CoreWeave उसकी सबसे बड़ी होल्डिंग्स में से एक थी. इसने CoreWeave को कर्ज दिया था. दोनों ने MatX में साथ निवेश किया और Fluidstack में भी साथ निवेश किया. यह उसके सबसे बड़े स्टॉक्स में मार्केट बनाती थी. और 29 जुलाई को, जब उसका लीवरेज टूट गया और बैंक खरीदार की तलाश में जुट गए, तो जेन स्ट्रीट उन फर्मों में शामिल थी जो बचे हुए एसेट्स के लिए बोली लगा रही थीं.

एक ही ट्रेड के आसपास छह पोजीशन

दो स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण हैं और फर्म दोनों की हकदार है. कहीं भी यह रिपोर्ट नहीं हुआ है कि जेन स्ट्रीट Aschenbrenner को कर्ज दे रही थी, उसकी फाइनेंसिंग Goldman Sachs, JPMorgan और Bank of America से आई थी. और जेन स्ट्रीट कोई फाउंडिंग बैकर भी नहीं थी. यह तब आई जब फंड पहले ही 1,000 प्रतिशत से अधिक रिटर्न दे चुका था और यह Citadel से नीलामी हार गई. मौजूदा रिकॉर्ड के अनुसार, जेन स्ट्रीट ने यह ट्रेड बनाया नहीं था. यह उस ट्रेड में शामिल हुई जो पहले से चल रहा था.

अब पैटर्न

भारतीय नियामक इस संरचना को पहले देख चुके हैं. उन्होंने इस पर एक आदेश भी लिखा है.

SEBI की जुलाई 2025 की फाइंडिंग्स से उनके मैकेनिक्स को हटा दें तो एक आरोप बचता है और वह यह नहीं है कि जेन स्ट्रीट ने आक्रामक तरीके से ट्रेड किया, कोई राय ली या किस्मत से जीत गई. आरोप यह है कि फर्म एक बाजार में इतनी बड़ी हो गई थी कि उसकी अपनी खरीद और बिक्री उस इंडेक्स को प्रभावित कर सकती थी, जो तय करता था कि उसके ऑप्शंस कितना भुगतान करेंगे.

यहीं SEBI के आदेश की असली धार है: जेन स्ट्रीट के पास Calls थे. इसके पास Puts थे. और इसके पास अंतर्निहित बैंक शेयरों की इतनी बड़ी मात्रा थी कि वह उस संख्या को प्रभावित कर सके, जिसके आधार पर ये कॉन्ट्रैक्ट्स सेटल होते थे. नियामक ने इसे हेरफेर कहा. जेन स्ट्रीट ने इसे हेजिंग कहा.

अब इसे फाइलिंग्स के सामने रखिए

भारत में SEBI ने Bank Nifty कॉम्प्लेक्स में जेन स्ट्रीट की पोजीशंस को इतना बड़ा माना कि वे इंडेक्स को प्रभावित कर सकती थीं. AI ट्रेड में, जून के आखिरी दिन एक ही स्टॉक — SanDisk में इसकी बुक उस पूरे 20 अरब डॉलर के फंड से भी बड़ी थी, जिसके पतन ने चार हफ्ते बाद वैश्विक बाजारों को हिला दिया. प्रतिबंध से पहले इस तरह की प्रॉप फर्म्स भारत के इंडेक्स-ऑप्शंस वॉल्यूम का करीब आधा हिस्सा थीं. AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े नामों में इसकी तीन तरफ की बुक्स उन कंपनियों के मुकाबले दसियों अरब डॉलर तक पहुंचती हैं, जिनके बारे में ज्यादातर निवेशकों ने दो साल पहले सुना भी नहीं था.

जेन स्ट्रीट के बारे में समझने वाली यही बात है, और इसका किसी एक ट्रेड से कोई संबंध नहीं है.

इस पैमाने पर कोई फर्म बाजार की केवल एक प्रतिभागी नहीं रह जाती, बल्कि बाजार की स्थितियों में से एक बन जाती है. जब आप एसेट के मालिक हों, एसेट को फाइनेंस करें, एसेट की कीमत कोट करें और एसेट के सबसे बड़े लीवरेज्ड खरीदार को फंड भी करें, तो आप बाजार में केवल पोजीशन नहीं ले रहे होते. आप उस चीज का हिस्सा बन जाते हैं, जो खुद बाजार है.

अब तक जेन स्ट्रीट पर यह आरोप नहीं है कि उसने AI ट्रेड में किसी चीज में हेरफेर किया, और सार्वजनिक रिकॉर्ड में भी ऐसा कोई संकेत नहीं है. BW इस तरह की समानता नहीं खींच रहा है.

लेकिन एक समानता स्पष्ट है, इसका तरीका. दो महाद्वीप, दो एसेट क्लास, एक ही हस्ताक्षर: हर तरफ मौजूद, आकार में प्रभावशाली और किसी भी पक्ष पर पूरी तरह न्यूट्रल नहीं. SEBI जिस बात पर मुकदमा लड़ रहा है, वह केवल भारत की एक घटना नहीं है. यह उस तरीके का सवाल है, जिससे यह फर्म किसी बाजार में खड़ी होती है, और जुलाई ने इसे दशक के सबसे बड़े कैपिटल साइकिल में बिल्कुल उसी तरह खड़ा दिखाया.

मुंबई का ट्रिब्यूनल 2023 और 2024 के 18 एक्सपायरी दिनों पर फैसला देगा. AI क्रैश से संकेत मिलता है कि सवाल इससे कहीं बड़ा है.

हर तरफ मौजूद रहने से आपको क्या मिलता है

इसका जवाब 14 अगस्त को मिला, जब Reuters ने रिपोर्ट किया कि जेन स्ट्रीट को जुलाई में करीब 15 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, लगभग एक दशक में इसका पहला घाटे वाला महीना. नुकसान Aschenbrenner के फंड में इसकी हिस्सेदारी और एशियाई इक्विटी बाजारों में गलत दिशा में गए दांवों से हुआ.

15 अरब डॉलर किसी भी ट्रेडिंग फर्म द्वारा घोषित अब तक के सबसे बड़े मासिक नुकसानों में से एक है.

लेकिन तथ्य यह है कि फर्म ने इस साल के पहले आठ महीनों में अब भी 40 अरब डॉलर से ज्यादा का नेट ट्रेडिंग रेवेन्यू कमाया है, जो 2025 के पूरे रिकॉर्ड वर्ष से भी ज्यादा है. फायर सेल के 12 दिन बाद इसने बाजार से 14.6 अरब डॉलर मांगे और मिल गए. और फंड के मामले में, जेन स्ट्रीट का अपना कहना है कि इस पतन के बाद भी साल के लिए उसकी हिस्सेदारी लगभग फ्लैट रही. निवेश की पूरी अवधि में, उसका कहना है कि वह अब भी फायदे में है.

इसे आपको फिर पढ़ना चाहिए. Archegos के बाद सबसे शानदार हेज फंड पतनों में से एक- चार हफ्तों में 67 प्रतिशत की गिरावट, 16 अरब डॉलर के पोर्टफोलियो की रातोंरात डिस्काउंट पर नीलामी और उसमें पैसा लगाने वाला निवेशक साल के अंत तक अब भी ब्रेक-ईवन से बेहतर स्थिति में है और पूरे निवेश की अवधि में फायदे में है.

हर तरफ मौजूद रहने से आपको यही मिलता है. इम्यूनिटी नहीं, बल्कि उससे ज्यादा उपयोगी चीज: अनुपात. तब तबाही पूरे साल में सिर्फ एक खराब महीना बन जाती है.

उस ट्रेड में बाकी सभी के लिए जुलाई अंतिम साबित हुआ. Aschenbrenner ने चार हफ्तों में अपने फंड का दो-तिहाई हिस्सा खो दिया. जिन रिटेल निवेशकों ने उसकी फाइलिंग्स ट्रैक कीं और उसकी पोजीशंस कॉपी कीं, उनके पास वापस लौटने के लिए Anthropic में कोई निजी हिस्सेदारी नहीं थी, कोई लोन रीपेमेंट लगातार नहीं आ रहा था, कोई ऐसा मार्केट-मेकिंग डेस्क नहीं था जो ऊपर जाने और नीचे आने दोनों रास्तों में कमाई कर रहा हो. उनके पास एक पोजीशन थी, एक दिशा थी और मौजूद रहने के लिए कोई दूसरा पक्ष नहीं था.

यह एक असाधारण असमानता है और शायद सबसे शक्तिशाली आर्किटेक्चर भी.

एक फर्म उस 25 वर्षीय व्यक्ति के आसपास छह पोजीशंस तक कैसे पहुंच जाती है, जिसे उसने कभी नौकरी पर भी नहीं रखा?

किसी कॉन्ट्रैक्ट के जरिए नहीं, बल्कि एक ऐसे नेटवर्क के जरिए जो एक दशक से सार्वजनिक है.

2014 में इफेक्टिव अल्ट्रूइज्म मूवमेंट , जो प्रतिभाशाली युवाओं को बहुत बड़ी रकम कमाने और फिर उसे दान करने के लिए प्रेरित करता है, ने एक युवा गणितज्ञ को जेन स्ट्रीट की ओर निर्देशित किया. उसका नाम Sam Bankman-Fried था; करियर संगठन 80,000 Hours ने इसे अपनी वेबसाइट पर केस स्टडी के रूप में प्रकाशित किया था. Caroline Ellison, जो बाद में उसके ट्रेडिंग आर्म को चलाने वाली थीं, ने भी अपना करियर वहीं से शुरू किया. 2022 में Bankman-Fried की Alameda ने Modulo Capital को 400 मिलियन डॉलर दिए, जो दो पूर्व जेन स्ट्रीट ट्रेडर्स द्वारा स्थापित एक बिल्कुल नया फंड था. यह निवेश उस बहामास कॉम्प्लेक्स से हुआ जहां FTX के कर्मचारी रहते थे. Alameda इसका एकमात्र निवेशक था. पारंपरिक संस्थानों ने इसे खारिज कर दिया था.

इसलिए सवाल "किसी युवा और अज्ञात व्यक्ति को अरबों कौन देता है?" का जवाब चार साल पहले ही मौजूद था.

Aschenbrenner भी उसी दुनिया से आया था, बस एक पीढ़ी बाद. उसने Columbia के इफेक्टिव अल्ट्रूइज्म चैप्टर की सह-स्थापना की, 19 साल की उम्र में वैलेडिक्टोरियन के रूप में ग्रेजुएट हुआ और फरवरी 2022 में Bankman-Fried के FTX Future Fund में शामिल हुआ , 10 नवंबर को इस्तीफा दे दिया, FTX के दिवालियापन के लिए आवेदन करने से एक दिन पहले. जब एस्टेट ने मार्च 2024 में FTX की Anthropic हिस्सेदारी के दो-तिहाई हिस्से को 884 मिलियन डॉलर में बेचा, तो खरीदारों में से एक जेन स्ट्रीट थी.

इन दो फर्मों के बीच कोई सीधा तार नहीं है, और यही असली बात है. इन्हें जोड़ता है लोगों की एक पाइपलाइन, एक साझा विश्वास और ऐसे एसेट्स जिनके मालिक दोनों पहले से थे.

फिर आता है आखिरी मोड़

12 अगस्त को, लिक्विडेशन के 12 दिन बाद, जेन स्ट्रीट ने 14.6 अरब डॉलर का नया कर्ज जुटाया 1.2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा, जिसमें उसने अपने करीब 11.1 अरब डॉलर के पुराने कर्ज को क्लियर किया, जिसमें एक टर्म लोन और नोट्स की एक ट्रांच शामिल थी, जो इन घटनाओं से काफी पहले की थी.

यह रीफाइनेंसिंग पतन की वजह से नहीं हुई थी; इतने बड़े सौदे को दो हफ्तों में तैयार नहीं किया जाता. लेकिन घटनाक्रम फिर भी उल्लेखनीय है. जब दुनिया एक 25 वर्षीय व्यक्ति के लीवरेज्ड AI दांव को सार्वजनिक रूप से टूटते देख रही थी, जेन स्ट्रीट चुपचाप अपनी बैलेंस शीट को रिस्ट्रक्चर कर रही थी और अपनी अधिक फाइनेंसिंग को प्राइवेट लेंडर्स की ओर ले जा रही थी, जिनमें बातचीत में Pimco का नाम भी सामने आया.

कम क्रेडिटर्स. कम सार्वजनिक खुलासा. एक ऐसी बैलेंस शीट जिसे बाहर से देखना ज्यादा मुश्किल हो.

तीन में से दो रेटिंग एजेंसियों ने नए पेपर को जंक रेटिंग दी. तीसरी, Fitch, ने 24 जुलाई को फर्म को इन्वेस्टमेंट ग्रेड में अपग्रेड किया, फायर सेल से पांच दिन पहले और उसी CoreWeave लोन को बेचने की प्रक्रिया के बीच, जिसे खरीदारों को आकर्षित करने के लिए काफी अधिक आकर्षक बनाना पड़ा. किसी ने किसी गलत काम का आरोप नहीं लगाया है. घटनाक्रम बस घटनाक्रम है.

और देखिए कि क्या अब भी दिखाई देता है. वे तिमाही फाइलिंग्स अमेरिकी लिस्टेड शेयरों को कवर करती हैं और कुछ नहीं. Anthropic की हिस्सेदारी नहीं. CoreWeave का लोन नहीं. MatX या Fluidstack नहीं. Aschenbrenner के फंड में जेन स्ट्रीट ने जो भी रकम लगाई, उसका एक रुपया भी नहीं.

जुलाई की एक सुबह, एक मार्जिन कॉल ने वह काम किया जो कोई नियामकीय आदेश नहीं कर पाया था. उसने इस फर्म के आसपास की पूरी आर्किटेक्चर को रोशन कर दिया, वे एसेट्स जिनकी वह मालिक थी, वे कंपनियां जिन्हें उसने फाइनेंस किया, वे स्टॉक्स जिनमें वह कीमतें बनाती थी, वह फंड जिसे उसने बैक किया था और जब वह फंड खत्म हुआ तो उसके बचे हुए हिस्से खरीदने में उसकी दिलचस्पी.

फिर जब रोशनी आगे बढ़ गई, जेन स्ट्रीट ने 15 अरब डॉलर का नुकसान बताया, 14.6 अरब डॉलर जुटाए और अपने अधिक कर्ज को प्राइवेट हाथों में ले गई, जहां अगली बार उसका खुलासा करना भी जरूरी नहीं होगा क्योंकि वह प्राइवेट लेंडर  PIMCO  से आया है.

SEBI ने भारत के भीतर जेन स्ट्रीट को उजागर किया. AI क्रैश ने भारत के बाहर जेन स्ट्रीट के पैमाने को उजागर किया.

लेकिन जेन स्ट्रीट ने यह सुनिश्चित कर लिया है कि दूसरी तस्वीर को देखना और मुश्किल हो जाए.

पलक शाह, BW रिपोर्टर्स

(पलक शाह एक अनुभवी खोजी पत्रकार हैं और The Market Mafia: Chronicle of India’s High-Tech Stock Market Scandal & The Cabal That Went Scot-Free के लेखक हैं. लगभग दो दशकों के अनुभव के साथ, उन्होंने मुंबई में जमीनी रिपोर्टिंग करते हुए पैसे, ताकत और नियमों के गठजोड़ को उजागर किया है. उनके लेख The Economic Times, Business Standard, The Financial Express और The Hindu Business Line जैसे प्रमुख प्रकाशनों में प्रकाशित हुए हैं. 19 साल की उम्र में अपराध पत्रकारिता से शुरुआत करने वाले पलक ने जल्द ही समझ लिया कि 1980 के दशक के गैंगवार अब कॉरपोरेट अपराध में बदल चुके हैं. इसी ने उन्हें वित्तीय पत्रकारिता की ओर मोड़ा, जहां उन्होंने बाजार हेरफेर और सिस्टम की खामियों को उजागर किया.)
 

 


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