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इस ट्रेड समझौते से विदेशों में पढ़ाई करने वाले युवाओं को मिला तोहफा, देश को होगा फायदा

इस ट्रेड समझौते में सबसे अच्‍छी बात ये रही कि इसे वहां की सरकार में दोनों पार्टियों का पूरा समर्थन मिला. पहली सरकार ने जहां इस समझौते को फाइनल किया वहीं मौजूदा सरकार ने इसे संसद से पास करा दिया

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

भारत में कल जब आधी रात हो रही थी उस वक्‍त देश के लिए एक बड़ी खबर आई. देश के कॉमर्स मिनिस्‍टर पीयूष गोयल को उनके ऑस्‍ट्रेलियाई काउंटरपार्ट ने फोन कर बधाई दी कि उनके देश की संसद ने भारत के साथ हुए ट्रेड समझौते को हरी झंडी दे दी. इस ट्रेड समझौते के बाद अब भारत के कई सेक्‍टर के कारोबारियों के लिए कई तरह की सुविधाएं बढ़ जाएंगी. देश के अलग-अलग कारोबारी जो अपना सामान ऑस्‍ट्रेलिया भेजते हैं उनके साथ-साथ हमारे देश के उन युवाओं के लिए भी इस ट्रेड समझौते ने फायदे के कई दरवाजे खोल दिए हैं, जो वहां पढ़ाई कर रहे हैं. पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए सबसे बड़ा फायदा ये है कि वो अपनी पीजी की पढ़ाई करने के बाद वहां दो से लेकर चार साल तक पढ़ाई कर पाएंगें.

कब से लागू होगा ये ट्रेड समझौता

वाणिज्‍य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच इस ट्रेड समझौते की शुरूआत इस साल दो अप्रैल 2022 से हुई थी. उसके बाद दोनों देशों के अलग-अलग नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद देर रात ऑस्‍ट्रेलियाई संसद के दोनों सदनों ने इसे मंजूरी दे दी. अब इसे ऑस्‍ट्रेलियार्इ एक्‍जीक्‍यूटिव काउंसिल से मंजूरी मिलना बाकी है. जो कि भारत की कैबिनेट के समकक्ष है. जबकि भारत सरकार की कैबिनेट इसे पहले ही मंजूरी दे चुकी है. भारत में अब सिर्फ राष्‍ट्रपति के हस्‍ताक्षर की औपचारिकता बाकी है. जिसके पूरे होते ही ये समझौता लागू हो जाएगा.

किस सेक्‍टर के कारोबारियों को होगा फायदा

भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच हुए इस ट्रेड समझौते के बाद देश के कई सेक्‍टरों को इसका फायदा मिलेगा, जिसमें फ्रूटस और वेजीटेबल, टेक्‍सटाइल सेक्‍टर, कुछ कृषि और मत्‍स्‍य सेक्‍टर, लेदर फुटवियर, फर्नीचर, और स्‍पोर्टस सामान के कारोबारी शामिल हैं. इसके अतिरिक्‍त जेम्‍स ज्‍वैलरी, मशीनरी, इलेक्‍ट्रिक गुडस, रेलवे वैगन, और फार्मा जैसा सेक्‍टर शामिल है.

कारोबारियों को क्‍या होगा फायदा

इस ट्रेड समझौते को आसान भाषा में आप ऐसे समझ सकते हैं कि अब तक अगर हमारे कारोबारी अपना सामान ऑस्‍ट्रेलिया भेजते हैं तो उन्‍हें पांच प्रतिशत इंपोर्ट डयूटी देनी पड़ती है, लेकिन इस ट्रेड एग्रीमेंट के लागू होने के बाद वो पूरी तरह से समाप्‍त हो जाएगी. इसी तरह से अब भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच हुए इस करार के बाद हमारे देश के 1800 शेफ और योगा टीचर भी ऑस्‍ट्रेलिया जाकर अपना काम कर सकते हैं. ऑस्‍ट्रेलिया चाहे तो ये नंबर बढ़ा ले लेकिन इससे कम नहीं हो सकता.

एक्‍सपोर्ट में होगा कितना फायदा

मौजूदा समय में भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच 31 बिलियन डॉलर का एक्‍सपोर्ट होता है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले सालों में ये 50 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा. इसी तरह से सर्विस सेक्‍टर से लेकर मर्चेंडाइज सेक्‍टर को इस ट्रेड डील से दस बिलियन के फायदे की उम्‍मीद है.


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