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MakeMyTrip, Goibibo और OYO के बाद अब ये कंपनी आई CCI के निशाने पर, करोड़ों का जुर्माना
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने गूगल को एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने कामकाज के तरीके को संशोधित करने का निर्देश भी दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
मेकमाय ट्रिप, Goibibo और OYO के बाद अब भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India-CCI) ने अमेरिकी कंपनी गूगल पर कार्रवाई की है. CCI ने Google पर 1,337.76 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है. गूगल पर यह कार्रवाई एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण बाजार में मजबूत स्थिति के दुरुपयोग के चलते की है. इसके अलावा, सीसीआई ने प्रमुख इंटरनेट कंपनी को अनुचित कारोबारी गतिविधियों को रोकने और बंद करने का निर्देश दिया है.
क्या हैं गूगल पर आरोप?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आयोग की तरफ से बताया गया है कि गूगल को एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने कामकाज के तरीके को संशोधित करने का निर्देश भी दिया गया है. CCI ने अप्रैल 2019 में देश में एंड्रॉयड आधारित स्मार्टफोन के उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था. बता दें कि मोबाइल चलाने के लिए एक ऑपरेटिंग सिस्टम (Os) की जरूरत पड़ती है और गूगल एंड्रायड Os का संचालन एवं प्रबंधन करती है, साथ ही अन्य एप्लिकेशन के लिए लाइसेंस देती है. मूल उपकरण निर्माता (OEM) इस ओएस और गूगल का अपने मोबाइल में इस्तेमाल करते हैं. वे अपने अधिकारों के नियंत्रण के लिए मोबाइल एप्लिकेशन डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट (MDA) और एंटी फ्रैगमेंटेशन एग्रीमेंट (AAF) सहित कई समझौते करते हैं. गूगल ने अपनी मजबूत स्थिति और दबदबे से इन समझौतों का उल्लंघन किया.
CCI ने कही ये बात
CCI ने कहा कि अनुचित कारोबारी गतिविधियों को रोकने का आदेश जारी करने के साथ ही एंड्रॉयड मोबाइल उपकरण पारिस्थितिकी तंत्र में कई बाजारों में अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग करने को लेकर गूगल पर यह जुर्माना लगाया गया है. आयोग ने कहा कि MDA के तहत गूगल मोबाइल सूट (GSM) को अनिवार्य रूप से पहले से इंस्टॉल करना उपकरण निर्माताओं पर अनुचित स्थिति थोपने के समान है, और इस तरह यह प्रतिस्पर्धा कानून का उल्लंघन है.
पहले इन पर हुई कार्रवाई
इससे पहले CCI ने MakeMyTrip, Goibibo और OYO पर कार्रवाई की थी. MakeMyTrip और Goibibo पर आरोप है कि दोनों ने अपने होटल पार्टनर्स के साथ एक ऐसा समझौता किया है, जिसके तहत होटल भागीदार अपने कमरे किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर या अपने ऑनलाइन पोर्टल पर उस कीमत से कम पर नहीं दे सकते, जो कीमत इन कंपनियों के साथ पहले से तय की गई है. कहने का मतलब है कि इन प्लेटफ़ॉर्म पर जिस रेंट पर कमरे उपलब्ध हैं, उससे कम की पेशकश होटल पार्टनर्स नहीं कर सकते. जुर्माने के अलावा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने दोनों फर्म को होटलों के साथ अपने समझौतों को उचित रूप से संशोधित करने का निर्देश दिया है, ताकि मूल्य और कमरे की उपलब्धता से जुड़े समान दायित्वों को होटल भागीदारों पर लगाया जा सके.
OYO इसलिए बना निशाना
यह भी आरोप था कि MakeMyTrip ने अपने प्लेटफॉर्म पर OYO को तरजीह दी, जिसकी वजह से सेक्टर के अन्य प्लेयर्स को बाजार पहुंच से वंचित कर दिया गया. नियामक ने अक्टूबर 2019 में मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था. गौरतलब है कि MakeMyTrip ने 2017 में Ibibo Group Holding का अधिग्रहण किया था, तभी से MMT India मेक माय ट्रिप और Ibibo India के ब्रांड के तहत Goibibo के जरिए अपने होटल और पैकेज व्यवसाय का संचालन कर रही है. वहीं, OYO Hotels & Homes की शुरुआत 2013 में हुई थी. कंपनी के फाउंडर और सीईओ रितेश अग्रवाल हैं. सस्ती दरों में रूम उपलब्ध कराने वाली इस कंपनी में कुल 5,130 कर्मचारी काम करते हैं.
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