होम / बिजनेस / आखिर G 20 को लेकर भारत में क्या होने जा रहा है? जानिए पूरे कार्यकम की रूपरेखा
आखिर G 20 को लेकर भारत में क्या होने जा रहा है? जानिए पूरे कार्यकम की रूपरेखा
जी 20 में शामिल देशों की जीडीपी दुनिया की 85 फीसदी जीडीपी के बराबर है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार दुनिया के 75 फीसदी के बराबर है, दुनिया की जनसंख्या के तौर पर यह दो तिहाई के बराबर है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
हमारा देश आगामी दिसंबर में जी 20 समूह की बैठकों की अगवानी करने जा रहा है. भारत इस बार इसकी अध्यक्षता करने जा रहा है. हमारे देश में इस साल दिसंबर में जी 20 की बैठक होने जा रही है. जो अगले साल नवंबर तक पूरे देश के अलग-अलग राज्यों में होगी. जिसकी अध्यक्षता भारत करेगा. इसकी पहली बैठक दिल्ली में 9 दिसंबर से लेकर 11 दिसंबर तक होने जा रही है.
क्या है जी 20 की अध्यक्षता का मतलब
मौजूदा समय में जी-20दुनिया के सभी संगठनों में एक ताकतवर संगठन है, जिसमें दुनिया के 20 देश शामिल हैं इनमें अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इंडिया, इंडोनेशिया, इटली, जापान, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, मेक्सिको, रशिया, सऊदी अरेबिया, साउथ अफ्रीका, टर्की, यूके और यूएस जैसे देश शामिल है. जी-20 के विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जी 20 में शामिल देशों की जीडीपी दुनिया की 85 फीसदी जीडीपी के बराबर है, जबकि अगर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की बात करें तो इन बीस देशों का कारोबार दुनिया के 75 फीसदी कारोबार के बराबर है दुनिया की जनसंख्या के तौर पर देखें तो यह दो तिहाई के बराबर है भारत इस बार जी 20 के ट्रोनिका का भी पार्ट है, जिसमें इंडोनेशिया और ब्राजील जैसे देश भी शामिल है पहली बार हो रहा है कि जब तीन डेवलपिंग कंट्रीज को ट्रोनिका का पार्ट होने का मौका मिल रहा है
भारत के अलग-अलग राज्यों में होंगी जी 20 की बैठकें
जी 20 समिट के इस साल भर के कार्यक्रम में भारत के अलग- अलग राज्यों में इसकी बैठकें होंगी. खुद कल पीएम मोदी ने बताया कि इस जी 20 कार्यक्रम की बैठकें सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी होंगी. जिसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र , केरल, वेस्ट बंगाल, तमिलनाडु, हिमांचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में आयोजित की जा सकती हैं.
इंडोनेशिया में होगा औपचारिक ऐलान
पीएम मोदी अगले हफ्ते इंडोनेशिया जाने वाले हैं. जहां भारत को इसकी अध्यक्षता दिए जाने का ऐलान किया जाएगा. जिसके बाद भारत औपचारिक तौर पर इसकी अध्यक्षता करेगा. भारत का प्रयास होगा कि वो इस मीटिंग के जरिए दुनिया के सामने अपने कल्चर, अपनी परंपरा और अपनी सोच को रखेगा.
टैग्स