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BRAND MAVERICKS-एडवरटाइजिंग पूरी तरह से डिजिटल हो गई है, इसे समझना जरूरी है- नितिन कुमार
किसी भी चीज को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि आप उसके बारे में हर पहलू से सोचे. उसे अच्छा बनाने के लिए जरूरी है कि आप हर एंगल से सोचें. केवल पारंपरिक तरीके से सोचने से काम नहीं चलेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
एडवरटाइजिंग की दुनिया आज पूरी तरह से डिजिटल हो गई है.पहले हम किसी भी कंपनी के लिए एडवटाइज करते थे उसके लिए पहले टीवी था रेडियो था लेकिन आज हमारा प्रोडक्ट मोबाइल और डिजिटल वर्ल्ड में घूम रहा है. अब वो हर चीज डिजिटल हो चुकी है. ये कहना है मैग्नोन ग्रुप के क्रिएटिव हेड नितिन कुमार का. नितिन ने ये बातें बिजनेसवर्ल्ड के मार्केटिंग ब्रांड समिट 2022 में कही. उन्होंने कहा कि टैलेंट को बाहर लाने के लिए जरूरी है कि अब आपको ये समझना पड़ेगा कि आखिर लोग कैसे सोच रहे हैं.
हर पहलू पर ध्यान देना जरूरी है.
किसी भी चीज को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि आप उसके बारे में हर पहलू से सोचे. उसे अच्छा बनाने के लिए जरूरी है कि आप हर एंगल से सोचें. केवल पारंपरिक तरीके से सोचने से काम नहीं चलेगा. तभी आप उस विषय को बेहतर बना सकते हैं.
एडवटाइजमेंट के स्टडी मटीरियल में ओवरहॉल की जरूरत है
नितिन बताते हैं कि आज एडवाटाइजमेंट में यूथ को और बेहतर बनाने के लिए हमें अपने स्टडी मटीरियल में बड़े बदलाव की जरूरत है. नीतिन कहते हैं कि हमें हमेशा से वो चीजें पढ़ाई जा रही है जो हमें नहीं पढ़ाई जानी चाहिए.आज आपको आर्ट दे दिया जाता है जिसे कलर करना होता है,जबकि वास्तविक फील्ड में आपको किसी भी समस्या का समाधान निकालना होता है. हमें ये पढ़ाया जाना चाहिए कि आप किसी समस्या को सॉल्व कैसे करेंगे
कैसे पैदा करें स्किल
बिजनेसवर्ल्ड के मार्केटिंग ब्रांड समिट 2022 पहुंचे बीबीएच के सीईओ धीरज सिन्हा बताते हैं कि क्रियेटिविटी हमारे अंदर होती है, बस आपको अपने आस-पास होने वाली छोटी- छोटी घटनाओं को अच्छे से देखने की जरूरत है. जब आप उन्हीं लोगों के आसपास कहानियां लिखते हैं तो उन्हें लगता है कि ये तो मेरी ही कहानी है. सारी बातें हमारे अंदर हैं तो सबकुछ हम देख रहे हैं अब जरूरत है कि हम उन्हें देखने के साथ- साथ महसूस करना सीखें. एक तो जो कोर्स वेयर है वो वेस्ट में डेवलप हुआ है वो डेवलपिंग कंट्री में डेवलप नहीं हुआ है. वो हमारे वहां काम नहीं करते हैं. भारत,चीन और एशिया में क्या चलता है वो उस कोर्स में नहीं है. उस वक्त केवल टीवी था लेकिन आज मोबाइल आ चुका है. स्टडी मटीरियल में चीजें न होने के कारण हमें उसका सामना हारिंग के वक्त करना पड़ता है. हमें उन्हें कहना पड़ता है कि आपने जो पढ़ा है आप उसे समझाइये। इसलिए हमारे स्टडी मटीरियल में बड़े बदलाव की जरूरत है.
कोरोना से उबर चुकी है इंडस्ट्री
बीबीएच के सीईओ धीरज सिन्हा बताते हैं कि आज एडवरटाइजिंग इंडस्ट्री पूरी तरह से कोरोना के सेटबैक से उबर चुकी है. 2019 के मुकाबले अगर मैं खुद अपनी बात करूं तो हम बहुत अच्छा कर रहे हैं और मुझे लगता है कि सभी के लिए ये बहुत अच्छा है.
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