होम / बिजनेस / ये हैं वे 7 जरूरी फैक्टर्स, जो इस हफ्ते शेयर मार्केट को आगे ले जाएंगे
ये हैं वे 7 जरूरी फैक्टर्स, जो इस हफ्ते शेयर मार्केट को आगे ले जाएंगे
वैश्विक निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में भी पैसा निवेश किया था, जिसका सकारात्मक असर देखने को मिला था, लेकिन अगले सप्ताह निराशा हाथ लग सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
मुंबई: बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स पिछले सप्ताह ताजा रिकॉर्ड ऊंचाई से थोड़ा कम था, जबकि निफ्टी 50 लगभग एक-चौथाई प्रतिशत कम था. दूसरे पायदान के शेयरों ने भी पिछले सप्ताह निराश किया क्योंकि मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक भी लगभग एक प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए.
फेड अधिकारियों की आक्रामक टिप्पणी
अक्टूबर के लिए अमेरिकी खुदरा बिक्री डेटा और दरों में लगातार वृद्धि पर फेड अधिकारियों की आक्रामक टिप्पणियों ने बाजार की भावनाओं को प्रभावित किया. घरेलू मुद्रास्फीति दर कुछ कम जरूर हुई, पर RBI के फैसले उनपर हावी रहे, इस वजह से बाजार में भी निराशाजनक माहौल बना रहा.
भारतीय बाजारों में लचीलापन
शेयर बाजार एक्सपर्ट्स के मुताबिक जब वैश्विक सूचकांक, खासकर अमेरिकी बाजार में काफी कुछ देखने को मिल रहा था, तब भारतीय बाजारों में लचीलापन दिखाई दे रहा था. हालांकि चीजें अब काफी हद तक कंट्रोल में हैं, लेकिन वैश्विक बाजार की चाल और परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. पिछले सप्ताह सार्वजनिक क्षेत्र के उधारदाताओं ने बेहतर प्रदर्शन किया. इसके बाद आईटी, टेलीकॉम, इंफ्रा और रियल्टी शेयरों में भी कुछ खरीदारी देखने को मिली.
आइए, अब जानते हैं वे 7 फैक्टर्स क्या हैं, जो इस सप्ताह बाजार को आगे बढ़ाएंगे
1. F&O Expiry
नवंबर सीरीज के लिए मासिक डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट 24 नवंबर को समाप्त हो रहे हैं. इस वजह से दलाल स्ट्रीट पर अस्थिरता देखने को मिल सकती है.
2. भू राजनीतिक संकट
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध संकट का असर इस सप्ताह भी बाजार पर देखने को मिल सकता है. व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. यूक्रेन की सीमाओं के पास पोलैंड के पूर्वी हिस्से में हाल ही में हुए मिसाइल हमले ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया, जिससे युद्ध के और प्रचंड होने की आशंका बढ़ गई है.
3. फेड सदस्यों की टिप्पणी
अगले सप्ताह कोई प्रमुख आर्थिक गतिविधि नहीं है, पर मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर US FOMC सदस्यों की टिप्पणी आने वाली है. बाजार की चाल बहुत हद तक इनके रिएक्शंस पर डिपेंड करेगी. इसलिए, देखने लायक मामला यह होगा कि फेड सदस्य अपनी टिप्पणी में क्या कह रहे हैं.
4. 5 कंपनियों की होगी लिस्टिंग
इस सप्ताह पांच कंपनियां शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने वाली हैं. सोमवार को, आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज और फाइव स्टार बिजनेस फाइनेंस सूचीबद्ध होंगे, जिसके बाद मंगलवार को कायन्स टेक्नोलॉजीज की शुरुआत होगी. आईनॉक्स ग्रीन एनर्जी सर्विसेज बुधवार को सूचीबद्ध होगी, जबकि कीस्टोन रियल्टर्स में ट्रेडिंग गुरुवार से शुरू होगी.
5. कच्चा तेल
चीन में कमजोर मांग और अमेरिकी ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की चिंता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में हाल ही में गिरावट आई है. ब्रेंट 88 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के निशान से थोड़ा ऊपर बंद हुआ. ऐसा लगता है कि कच्चा तेल और कुछ बेस मेटल मिलकर काम कर रहे हैं. थोड़ी सी नकारात्मक खबर ने अशांति और बिकवाली पैदा कर दी. अगले सप्ताह कच्चा तेल भी बाजार को प्रभावित कर सकता है.
6. रुपये की चाल
कूल्ड-डाउन डॉलर इंडेक्स ने घरेलू मुद्रा का समर्थन किया है क्योंकि शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 10 पैसे की गिरावट के साथ 81.74 पर बंद हुआ था. एक्सपर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी में तेजी आई है और निवेशकों पर फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की आक्रामक टिप्पणियों का असर भी पड़ा है. बहुत हद तक अगले सप्ताह रुपये की चाल भी देखने लायक होगी.
7. FPI flows
शेयर बाजार एक्सपर्ट्स के अनुसार, वैश्विक निवेशक इस महीने भारतीय इक्विटी बाजारों में खरीदार बन गए. नवंबर में अब तक FPI ने करीब 30,400 करोड़ रुपये के घरेलू शेयर खरीदे हैं. इसका असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला. आईटी में FPI की खरीदारी अक्टूबर के दूसरे हाफ में रफ्तार पकड़नी शुरू की थी, जो नवंबर में बरकरार रही. हालांकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस सप्ताह FPI की खरीदारी आक्रामक होने की संभावना नहीं है. चीन, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में वैल्यूएशन अब बहुत आकर्षक हैं. इसलिए, अधिक FPI अब इन बाजारों में जाने की संभावना है.
VIDEO : सिर्फ 1 साल में 42% रिटर्न दे सकती है ये सरकारी कंपनी, ब्रोकरेज हाउस ने रखा ये टारगेट
टैग्स