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Monetary Gains के लिए इंप्लॉय करते हैं यह काम, 61 फीसदी ने माना है इसको गलत
मूनलाइटिंग यानि की एक नौकरी के साथ ही दूसरी नौकरी करने को लेकर के आजकल बहुत चर्चा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः मूनलाइटिंग यानि की एक नौकरी के साथ ही दूसरी नौकरी करने को लेकर के आजकल बहुत चर्चा है. इसको लेकर के कंपनियां भी काफी सख्ती अपना रही हैं, क्योंकि कोई भी कंपनी ये नहीं चाहती है कि उसके कर्मचारी उनके यहां नौकरी करने के साथ ही दूसरी नौकरी भी करें. हालांकि इसके पीछे वजह केवल और केवल आर्थिक है. एक सर्वे में यह बात भी सामने निकलकर आई है कि करीब 61 फीसदी कर्मचारियों ने इसको गलत माना है.
FOSTIIMA बिजनेस स्कूल ने किया है सर्वे
FOSTIIMA बिजनेस स्कूल के छात्रों ने मूनलाइटिंग को लेकर के एक सर्वे किया है, जिसमें आईटी, शिक्षा और फाइनेंशियल सर्विस के करीब 950 कर्मचारियों से बातचीत की गई है. सर्वे के अनुसार, मूनलाइटिंग का इस्तेमाल सीए, सीएस, डॉक्टर, कॉस्ट अकाउंटेंट और प्राथमिक-माध्यमिक स्तर के स्कूलों में पढ़ाने वाले टीचर्स द्वारा किया जाता है. इसका ज्यादातर इस्तेमाल विशिष्ट कौशल वाले पेशेवर उपयोग करते हैं.
इन कंपनियों ने किया था विरोध
मूनलाइटिंग के खिलाफ इंफोसिस, विप्रो और आईबीएम जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को एक कंपनी में नौकरी के दौरान दूसरी नौकरी करने पर रोक लगा दी है. मामले के उदाहरण में, विप्रो ने 300 कर्मचारियों को निकाल दिया था.
यह थी सर्वे के दौरान कर्मचारियों की संख्या
इस सर्वे में आईटी सेक्टर के 540, फाइनेंशियल सर्विस के 325 और एजुकेशन इंडस्ट्री के 85 कर्मचारी शामिल हुए थे. इसमें कर्मचारियों से पूछा गया था कि मूनलाइटिंग करने के लिए आपकी प्रेरणा क्या है? छात्रों द्वारा एक दिलचस्प खोज यह थी कि भले ही 61% उत्तरदाताओं का मानना था कि मूनलाइटिंग अनैतिक है, फिर भी 73% उत्तरदाताओं ने ऐसा किया है. इसी प्रकार, फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर प्रदान करने वाले कर्मचारी अन्य उद्योगों की तुलना में दूसरी नौकरी में ज्यादा लिप्त रहे. सर्वे से पता चलता है कि फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर अन्य कंपनियों के साथ पार्ट टाइम नौकरी कर रहे थे महामारी से पहले. जबकि आईटी और शिक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों की संख्या घटी है जो फ्रीलांसिंग करते थे.
हालांकि फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में मूनलाइटिंग की जा रही है. एक और दिलचस्प प्रेरक कारक पर प्रकाश डाला गया जो अतिरेक का डर था. आईटी सेक्टर में लगभग 30% कर्मचारियों ने दूसरी नौकरी ली थी क्योंकि वे अपने प्राथमिक कौशल को खोने के डर से डरते थे.
बना रहेगा मूनलाइटिंग का स्कोप
इसके बावजूद मूनलाइटिंग का स्कोप कम होने के बजाए बढ़ेगा, क्योंकि कई लोग इसको आज भी कर रहे हैं. सर्वे के अनुसार दो अन्य कारक- नए कौशल सीखना और कौशल के अनुप्रयोग को भी इसमें शामिल किया गया था. उपरोक्त सर्वे के आधार पर, FOSTIIMA के छात्रों ने निष्कर्ष निकाला कि मूनलाइटिंग होने के बावजूद प्रतिष्ठित आईटी कंपनियों द्वारा उठाए गए रुख के कारण अवधारणा को प्रमुखता मिली है. फाइनेंस सेक्टर में विशिष्ट कौशल की आवश्यकता होती है जहां अधिकांश कर्मचारी मूनलाइटिंग में शामिल होते हैं. कोविड ने दूसरी पार्टटाइम नौकरी लेने की सुविधा प्रदान की, यह प्रथा प्रचलन में थी पूर्व-कोविड समय के दौरान. महामारी के समय में डिजिटल अपनाने में तेजी आई देखने को मिली है.
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