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व्यापारियों के 'अच्छे दिन': 41 दिनों में होंगी इतने लाख शादियां और करोड़ों का कारोबार
CAIT ने 35 शहरों के 4,302 व्यापारियों को इस सर्वेक्षण में शामिल किया, जिसके परिणामस्वरूप यह बात सामने आई कि 4 नवंबर से 14 दिसंबर के बीच 32 लाख शादियां होनी हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
बिजनेस के लिहाज से फेस्टिवल सीजन काफी अच्छा रहा और अब शादियों के मौसम में भी जमकर व्यापार होने की संभावना है. देश में 4 नवंबर से 14 दिसंबर के बीच 32 लाख शादियां होनी हैं, जिससे व्यापारियों के लिए 3.75 लाख करोड़ रुपए का कारोबार होने की उम्मीद है. कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि व्यापारियों के लिए शादियों का मौसम 'अच्छी दिन' साबित होगा. अकेले दिल्ली में 3.5 लाख शादियों से 75,000 करोड़ का कारोबार हो सकता है.
इतने शहरों में हुआ सर्वे
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CAIT ने 35 शहरों के 4,302 व्यापारियों को इस सर्वेक्षण में शामिल किया, जिसके परिणामस्वरूप यह बात सामने आई कि 4 नवंबर से 14 दिसंबर के बीच 32 लाख शादियां होनी हैं, जिससे व्यापारियों के लिए 3.75 लाख करोड़ रुपए का कारोबार हो सकता है. कोरोना महामारी के चलते शादियों से जुड़े कारोबारियों को खासा नुकसान उठाना पड़ा था, ऐसे में उन्हें इस वेडिंग सीजन से काफी उम्मीद है. फेस्टिव सीजन के अच्छा जाने से यह उम्मीद और भी ज्यादा बढ़ गई है.
फेस्टिव सीजन में जमकर खरीदारी
एक रिपोर्ट के मुताबिक, फेस्टिव सीजन व्यापारियों के लिए अच्छा रहा था. अकेले धनतेरस के मौके पर 45 हजार करोड़ का बिजनेस हुआ था. लगभग हर सेक्टर को इस दौरान कुछ न कुछ फायदा ज़रूर हुआ. ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए तो फेस्टिव सीजन सबसे ज्यादा शानदार रहा. अक्टूबर में व्हीकल्स की बिक्री में जोरदार इजाफा दर्ज किया गया. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़े के अनुसार, अक्टूबर में ऑटोमोबाइल की खुदरा बिक्री में बढ़ोतरी हुई. सालाना आधार पर दोपहिया वाहनों की बिक्री में 26 फीसदी का इजाफा हुआ. वहीं, तिपहिया वाहनों की बिक्री 66 प्रतिशत, पैसेंजर व्हीकल की 28%, कमर्शियल वाहनों की 28 प्रतिशत और ट्रैक्टर की बिक्री में 33 फीसदी का इजाफा रिकॉर्ड किया गया.
कोरोना ने पहुंचाया था नुकसान
हमारे देश में शादियों में बड़े पैमाने पर खर्चा किया जाता है. लोग अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च करने से भी नहीं हिचकते. इसलिए भारत में शादियों का बाजार काफी बड़ा है. कोरोना महामारी की वजह से यह बाजार एकदम ठंडा हो गया था. हालांकि, कोरोना की पाबंदियों के दौरान भी शादियां हुईं, लेकिन ज्यादा धूम-धड़ाके के साथ नहीं. उस दौर में लोगों की आमदनी भी सीमित हो गई थी, इसलिए पाबंदियों के साथ कम खर्चे की यह भी एक वजह रही. अब जब स्थिति सामान्य हो गई है और फेस्टिव सीजन में अच्छा-खासा व्यापार हुआ है, तो व्यापारियों को शादियों के मौसम से आस बंध गई है.
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